
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव का कार्यक्रम भले ही अभी तक घोषित न हुआ हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी दल पंचायत चुनाव में जीत के लिये अपनी-अपनी व्यापक रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस चुनावों में टिकट वितरण को लेकर नया फार्मूला जारी किया है।
यूपी पंचायत चुनाव में टिकट वितरण पर अपनी नई नीति के तहत भाजपा इस बार पार्टी पदाधिकारियों की पत्नियों को टिकट नहीं देगी। पार्टी पदाधिकारियों की पत्नियों को पंचायत चुनाव में उतारने के बजाए भाजपा महिलाओं की नई टीम घोषित करेगी और कुछ मानदंडों के आधार पर महिला उम्मीदवारों को टिकट देगी। भाजपा इस बार किसी भी पदाधिकारी को अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाने की इजाजत नहीं देगी।
यूपी पंचायत चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को ये निर्देश देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि इस बार किसी भी पदाधिकारी को अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
भाजपा पदाधिकारियों की पत्नी को टिकट देने के स्थान पर पार्टी ऐसी महिलाओं को टिकट देने पर ध्यान देगी, जिनमें चुनाव जीतने का दम खम हो।
भाजपा इस नये फैसले से एक साथ कई लक्ष्यों को साधने की योजना बना रही है। पहला तो यह कि इससे जनता के बीच नया और अच्छा संदेश जायोगा। दूसरा यह कि इससे पार्टी महिलाओं के बीच अपनी और गहरी पैठ बनाने में सफल होगी।
Published : 25 November 2020, 3:56 PM IST
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