
कोच्चि: भारतीय नौसेना ने स्वदेशी विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत के संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उस समय और बढ़ाया जब इसके पायलटों ने मिग-29के को पहली बार इस पोत पर उतारा।
इससे नौसेना की लड़ाकू विमान वाहक डिजाइन, निर्माण और संचालन में भारत की शक्ति का प्रदर्शन हुआ है।इस अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने सोमवार को यहां एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा , “भारत के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर पर स्वदेशी एलसीए नेवी की सफल लैंडिंग और टेक ऑफ, आत्मनिर्भर भारत के हमारे सामूहिक विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आईएनएस विक्रांत के साथ विमान मिग-29के की पहली लैंडिंग भी लड़ाकू क्षमता के एकीकरण की शुरुआत करती है। इसे संभव बनाने वाले सभी लोगों को बधाई।”आईएनएस विक्रांत पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर है और हमारे देश द्वारा निर्मित अब तक का सबसे जटिल युद्धपोत है।
यह गर्व की बात है कि जहाज को भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिज़ाइन ब्यूरो द्वारा स्वयं डिज़ाइन किया गया है और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित किया गया है।यह जहाज 4 अगस्त, 2021 को पहले समुद्री परीक्षणों के लिए रवाना हुआ था।
तब से, उसने मुख्य प्रणोदन, बिजली उत्पादन उपकरण, अग्निशमन प्रणाली, विमानन सुविधा परिसर उपकरण आदि के परीक्षणों के लिए समुद्री यात्रायें की।इस युद्धपोत को 2 सितंबर, 2022 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था और इस कार्यक्रम में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि थे। (वार्ता)
Published : 7 February 2023, 10:56 AM IST
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