
न्यूयॉर्क: अमेरिका में अपना ‘‘स्टार्ट-अप’’ चला पाने में विफल रहे भारतीय मूल के पूर्व परिचालन अधिकारी (सीओओ) रमेश ‘सन्नी’ बलवानी धोखाधड़ी के मामलों में दोषसिद्धि के खिलाफ अपील के निर्धारण तक जेल न भेजने की अपनी लड़ाई हार चुके हैं। मीडिया में प्रकाशित एक खबर में यह जानकारी दी गयी है।
बलवानी रक्त के नमूनों की जांच करने वाली असफल स्टार्ट-अप ‘थेरानोस’ के पूर्व सीओओ थे, जिन्होंने उच्चतर अदालत में दोषसिद्धि के खिलाफ अपनी अपील के निर्धारण तक जेल से बाहर रहने देने की अनुमति मांगी थी।
सीबीएस न्यूज चैनल की खबरों के मुताबिक, डिस्ट्रिक्ट जज एडवार्ड डेविला ने अपने 17 पन्नों के फैसले में बलवानी को राहत देने से इनकार कर दिया है।
अभियोजकों का कहना है कि बलवानी ने रोगियों की जान जोखिम में डाली और उनकी कंपनी में करोड़ों डॉलर का निवेश करने वाले निवेशकों के साथ धोखा किया।
बलवानी को रोगियों के स्वास्थ्य को जोखिम में डालने और धोखाधड़ी करने के लिए दोषी ठहराते हुए पिछले साल दिसम्बर में कैलिफोर्निया में 12 वर्ष 11 महीने की जेल की सजा सुनाई गयी थी।
बलवानी को जेल की सजा काटने के लिए 15 मार्च, 2023 को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया गया था।
Published : 10 March 2023, 6:32 PM IST