
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने बुधवार को नशा तस्करों से जब्त 10601.10 किलोग्राम ड्रग्स को जीटी करनाल रोड स्थित एक प्लांट में नष्ट किया है। इंटरनैशनल मार्केट में इसकी कीमत 1682 करोड़ रुपये बताई गई है। एलजी वीके सक्सेना और कमिश्नर संजय अरोड़ा की मौजूदगी में ड्रग्स को खाक किया गया। इसमें गांजा, हेरोइन, कोकेन, डोडा पोस्ट, चरस और मादक पदार्थ समेत कई चीजें शामिल थीं।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के मुताबिक डीसीपी (क्राइम) भीष्म सिंह ने बताया कि 26 नवंबर को 9वीं स्टेट लेवल नैशनल नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन की मीटिंग में दिल्ली को तीन साल में नशा मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। दिल्ली पुलिस ने अन्य विभागों के साथ मिलकर 1 दिसंबर से एक महीने का व्यापक अभियान चलाया है। इसके तहत हॉस्टल, स्कूल-कॉलेज, दुकानों और होटल-रेस्टोरेंट-बार में रेड की जायेगी। दिल्ली पुलिस ने 15 दिसंबर तक 1714 एनडीपीएस केस दर्ज किए, जिसके तहत 2169 ड्रग ट्रैफकर्स अरेस्ट किये गये।
कैसे बनती है ड्रग्स नष्ट करने की लिस्ट?
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने जनवरी 2015 में एक नोटिफिकेशन जारी किया था। फिर सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2016 को जजमेंट दिया था। इसके तहत ड्रग डिस्पोजल कमेटी बनाई जाती है, जो उन ड्रग्स की लिस्ट बनाती है, जिसकी अदालती कार्रवाई में जरूरत नहीं होती। सभी ड्रग्स की फिजिकली जांच की जाती है और वजन वेरिफाई किया जाता है। फिर इसे नष्ट किया जाता है।
Published : 18 December 2024, 7:59 PM IST
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