
देहरादून: कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछली बार आंशिक रूप से प्रभावित कई राज्य और क्षेत्र भी इस बार कोरोना महामारी की चपेट में हैं। उत्तराखंड भी उन राज्यों में शामिल हैं, जहां कोरोना का दूसरा कहर पिछले साल के मुकाबले ज्यादा असरदार है। देश और राज्य में कोरोना के बढ़ते खतरे और कहर को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने इस साल होने वाली चार धाम यात्रा को रद्द करने की घोषणा कर दी है।
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब आखिरकार उत्तराखंड सरकार ने इस साल होने वाली चार धाम यात्रा को रद्द करने का फैसला किया है। इससे पहले भी चार धाम यात्रा को लेकर तमाम तरह के कयास लगाये जा रहे थे। सरकार में मौजूद कुछ मंत्रियों ने चार धाम यात्रा को जारी रखने की बात कही थी लेकिन कोरोना के बढ़ते संकट के बाद सरकार ने इस साल इसे रद्द करना ही उचित समझा।
हालांकि, उत्तराखंड सरकार द्वारा लिए गए फैसले के मुताबिक चार धाम यात्रा की अवधि के दौरान बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री में स्थित मंदिरों के पुरोहितों को अनुष्ठान और पूजा करने की अनुमति रहेगी। कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत दैनिक पूजा-अर्चना और अन्य तरह के अनुष्ठान जारी रहेंगे लेकिन पर्यटकों व श्रद्धालुओं का आवागमन नहीं हो सकेगा।
बता दें कि बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री के रूप में उत्तराखंड में स्थित चार धाम यात्रा अगले महीने मई से शुरू होने वाली थी। सरकार द्वारा इसके लिये तैयारियां भी का जा रही थी लेकिन कोरोना संक्रमण को थमता ने देख सरकार ने अब इसे रद्द कर दिया है।
बता दें कि देश-विदेश से प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक चार धाम की यात्रा पर आते हैं और इसके लिये समय से पहले ही कई तैयारियां करनी होती है।
Published : 29 April 2021, 12:18 PM IST
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