Gautam Gambhir Birthday: सेना में जाना चाहते थे गौतम गंभीर, ऐसे बने भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच, जानिये शानदार सफर के बारे में

भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर आज अपना 44वां जन्मदिन मना रहे हैं। दिल्ली में जन्मे गंभीर ने 2007 टी20 और 2011 वनडे वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक पारियां खेलकर भारत को चैंपियन बनाया था। खिलाड़ी से लेकर आईपीएल में KKR के सफल मेंटॉर और अब टीम इंडिया के हेड कोच तक का उनका सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 October 2026, 9:29 AM IST

New Delhi: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और देश के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज गौतम गंभीर आज (14 अक्टूबर) अपना 44वां जन्मदिन मना रहे हैं। दिल्ली में जन्में गंभीर का जीवन मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह प्रेरणादायक रहा है। खिलाड़ी के तौर पर दो विश्व कप जिताने से लेकर बतौर कोच और मेंटॉर सफलता के झंडे गाड़ने वाले गंभीर का सफर संघर्ष, अनुशासन और अटूट जज्बे की कहानी है।

बचपन, परिवार और क्रिकेट की शुरुआत

गौतम गंभीर का जन्म 14 अक्टूबर 1981 को दिल्ली में हुआ था। उनके दादा 1947 में विभाजन के दौरान मुल्तान से दिल्ली आए थे। बचपन में गंभीर को उनके नाना-नानी ने गोद ले लिया था और वह तब से उन्हीं के साथ रहे। उन्होंने दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की। गंभीर ने महज 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था और लाल बहादुर शास्त्री अकादमी में कोच संजय भारद्वाज की देखरेख में क्रिकेट के बुनियादी गुर सीखे।

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शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर और ऐतिहासिक पारियां

गौतम गंभीर ने 11 अप्रैल 2003 को बांग्लादेश के खिलाफ अपना पहला वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा। इसके एक साल बाद उन्होंने टेस्ट डेब्यू किया और साल 2007 में टी20 फॉर्मेट में भी पदार्पण किया। अपने पूरे करियर के दौरान उन्होंने तीनों फॉर्मेट को मिलाकर कुल 242 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले-

टेस्ट क्रिकेट: 58 मैचों में 4154 रन (9 शतक और 22 अर्धशतक)

वनडे क्रिकेट: 147 मैचों में 5238 रन (11 शतक और 34 अर्धशतक)

टी20 अंतरराष्ट्रीय: 37 मैचों में 932 रन (7 अर्धशतक)

गौतम गंभीर भारतीय क्रिकेट इतिहास के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शुमार हैं, जिन्होंने देश को दो वर्ल्ड कप जिताने में सबसे अहम भूमिका निभाई। साल 2007 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने 54 गेंदों पर 75 रनों की शानदार पारी खेली थी। इसके अलावा, 2011 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में जब सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के रूप में शुरुआती झटके जल्दी लग गए थे, तब गंभीर ने संकटमोचन की भूमिका निभाते हुए 97 रनों की यादगार पारी खेली थी और टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया था।

आईपीएल में कप्तानी का जलवा और संन्यास

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने से पहले अक्टूबर 2018 में उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में अपने लिस्ट-ए क्रिकेट के 10 हजार रन पूरे किए। इसके बाद 3 दिसंबर 2018 को उन्होंने क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कह दिया।

आईपीएल (IPL) में भी गंभीर का दबदबा रहा। उन्होंने केकेआर (KKR) और दिल्ली कैपिटल्स के लिए कुल 154 मैच खेलते हुए 4217 रन बनाए। अपनी बेहतरीन कप्तानी के दम पर उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स को साल 2012 और 2014 में दो बार आईपीएल का चैंपियन बनाया।

मेंटॉर से लेकर टीम इंडिया के हेड कोच तक का सफर

क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद गंभीर ने कोचिंग और मेंटॉरशिप में कदम रखा-

2022: लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने उन्हें अपना मेंटॉर नियुक्त किया।

2024: वह वापस केकेआर के साथ बतौर मेंटॉर जुड़े और श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम को एक बार फिर चैंपियन बनाया।

9 जुलाई 2024: बीसीसीआई ने उन्हें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का हेड कोच नियुक्त किया। उनके मार्गदर्शन में टीम इंडिया ने इस साल चैंपियंस ट्रॉफी और पिछले महीने एशिया कप का खिताब अपने नाम किया।

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पर्सनल लाइफ, राजनीतिक सफर और नेटवर्थ

गौतम गंभीर ने साल 2011 में नताशा जैन से शादी की, जिनका परिवार पहले से ही उनके परिवार को जानता था। वर्तमान में वह दिल्ली के राजेंद्र नगर में रहते हैं। क्रिकेट और कोचिंग के अलावा, वह राजनीतिक मैदान पर भी सक्रिय रहे और 2019 से 2024 तक पूर्वी दिल्ली से सांसद (लोकसभा सदस्य) के रूप में देश की सेवा की। खेल जगत में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2019 में देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान 'पद्मश्री' से सम्मानित किया था। रिपोर्ट के अनुसार, गौतम गंभीर की कुल नेटवर्थ लगभग 265 करोड़ रुपये (2024 तक) है।

क्रिकेटर न होते तो क्या करते?

मैदान पर अपनी आक्रामक और देशभक्ति से ओत-प्रोत शैली के लिए पहचाने जाने वाले गौतम गंभीर का बचपन से एक और बड़ा सपना था। यदि वह क्रिकेटर नहीं बनते, तो वह भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहते थे। आज भले ही वह सेना की वर्दी में नहीं हैं, लेकिन भारतीय क्रिकेट को वैश्विक मंच पर बुलंदियों पर पहुंचाकर वह देश का नाम लगातार रोशन कर रहे हैं।

Location :  New Delhi

Published :  14 October 2026, 9:29 AM IST