Raksha Bandhan 2026: कल या परसों? असमंजस खत्म! जानिये भाई की कलाई पर कब सजाएं राखी और नोट कर लें शुभ मुहूर्त

भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन 2026 इस बार बेहद खास है क्योंकि यह भद्रा के साये से मुक्त रहेगा। 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त और संपूर्ण विधि की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 26 August 2026, 8:23 AM IST

New Delhi: भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन इस बार बेहद खास रहने वाला है। इस साल यह पावन त्योहार किसी भी अवांछित बाधा या भद्रा के साये से पूरी तरह मुक्त है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए आपको भद्रा के समाप्त होने का बिल्कुल भी इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आइए जानते हैं कि साल 2026 में रक्षाबंधन की सही तारीख और शुभ मुहूर्त क्या है।

28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा रक्षाबंधन

पंचांग के अनुसार, इस साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त 2026 को सुबह 8:31 बजे शुरू होगी और अगले दिन यानी 28 अगस्त 2026 को सुबह 9:18 बजे तक समाप्त होगी। उदया तिथि और शास्त्रीय विधान के आधार पर रक्षाबंधन का यह महापर्व शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को ही मनाया जाएगा। इस दिन पूर्णिमा तिथि का पूरा लाभ मिलेगा, जिससे भाई-बहन का यह त्योहार हर्षोल्लास के साथ संपन्न होगा।

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भद्रा रहित रहेगा इस बार का पावन पर्व

हिंदू धर्म में किसी भी मांगलिक कार्य को करने से पहले भद्रा काल का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विष्टि करण या भद्रा को उग्र स्वभाव का माना गया है, इसलिए इस दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं। पंचांग के मुताबिक, 27 अगस्त को सुबह 8:31 बजे से लेकर रात 8:54 बजे तक भद्रा का साया रहेगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन किसी प्रकार की कोई भद्रा नहीं है। यही कारण है कि इस बार बिना किसी संकोच के पूरे दिन उत्सव का माहौल रहेगा।

राखी बांधने के लिए ये हैं खास मुहूर्त

साल 2026 में रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का सबसे उत्तम और मुख्य मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से लेकर सुबह 9:48 बजे तक रहेगा। यदि आप सुबह के समय किसी व्यस्तता के कारण राखी नहीं बांध पाते हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप दिन के दूसरे सबसे शुभ यानी अभिजीत मुहूर्त (सुबह 11:56 बजे से दोपहर 12:48 बजे) के दौरान भी अपने भाई को राखी बांध सकती हैं। यह समय भी सभी कार्यों के लिए बेहद फलदायी माना जाता है।

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त्योहार की सरल और आध्यात्मिक विधि

रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर सबसे पहले अपने इष्टदेव, भगवान गणेश और अपने घर के मंदिर की पूजा करें। इसके बाद एक थाली में कुमकुम, अक्षत, रोली, दीपक, मिठाई और राखी सजाएं। भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठाएं। सबसे पहले भाई के माथे पर तिलक लगाएं, अक्षत लगाएं और दाहिने हाथ में रक्षा सूत्र (राखी) बांधें। इसके बाद भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उनकी आरती उतारें और उन्हें अपने हाथों से मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराएं।

Location :  New Delhi

Published :  26 August 2026, 8:23 AM IST