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देवी कुष्मांडा की आठ भुजाएं होती हैं और वे सिंह पर सवार रहती हैं। उनके सात हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल, अमृत कलश, चक्र और गदा होते हैं। आठवें हाथ में जप माला रहती है, जो सिद्धियों और आशीर्वाद का प्रतीक मानी जाती है। उनका यह रूप शक्ति, ज्ञान और सृजन का प्रतीक है।
देवी कुष्मांडा की आठ भुजाएं होती हैं और वे सिंह पर सवार रहती हैं। उनके सात हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल, अमृत कलश, चक्र और गदा होते हैं। आठवें हाथ में जप माला रहती है, जो सिद्धियों और आशीर्वाद का प्रतीक मानी जाती है। उनका यह रूप शक्ति, ज्ञान और सृजन का प्रतीक है।