चैत्र नवरात्रि 2026: चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा विधि, महत्व और किन बातों का रखें ध्यान

चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप देवी कुष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी कुष्मांडा ने अपनी हल्की मुस्कान से संपूर्ण ब्रह्मांड की रचना की थी, इसलिए इन्हें सृष्टि की आदिशक्ति भी कहा जाता है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 21 March 2026, 5:04 PM IST
1 / 6 Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप देवी कुष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी कुष्मांडा ने अपनी हल्की मुस्कान से संपूर्ण ब्रह्मांड की रचना की थी, इसलिए इन्हें सृष्टि की आदिशक्ति भी कहा जाता है। मां का स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और तेजस्वी माना जाता है। वे सूर्य मंडल के मध्य में निवास करती हैं और अपनी शक्ति से सूर्य को नियंत्रित करती हैं। मां कुष्मांडा की आराधना से जीवन के कष्ट, रोग और दुख दूर होते हैं तथा साधक को यश, आयु और समृद्धि प्राप्त होती है।
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Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 21 March 2026, 5:04 PM IST