बीकानेर के डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय ‘अजू गूजा 2.0’ बाल उत्सव में 800 से अधिक स्कूलों के बच्चों ने खेल, कला और रचनात्मक गतिविधियों के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

बीकानेर में ‘अजू गूजा 2.0’
Bikaner: डॉ. करणी सिंह स्टेडियम बीकानेर में आयोजित तीन दिवसीय बाल उत्सव ‘अजू गूजा 2.0’ बच्चों की हंसी, उमंग और रचनात्मकता से गूंज उठा। 800 से अधिक स्कूलों से आए हजारों बच्चों ने इस उत्सव में भाग लिया, जहां यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि बचपन के उत्सव के रूप में सामने आया। बच्चों के साथ-साथ अभिभावक और शिक्षक भी इस माहौल में अपने बचपन की यादों में खोते नजर आए।
उत्सव में 80 से अधिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें पेंटिंग, पॉटरी, पेपर-मैशे, क्राफ्ट, रंगोली और पारंपरिक भारतीय खेल शामिल रहे। बच्चों को मोबाइल और स्क्रीन से दूर रखकर हाथों से सीखने और खेलने का अवसर दिया गया। इन गतिविधियों ने बच्चों की कल्पनाशक्ति को नया आयाम दिया और उन्हें सीखने का आनंददायक अनुभव मिला।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक, जिला कलेक्टर और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी बच्चों के साथ मंच पर नजर आए। अधिकारियों ने बच्चों के साथ नृत्य किया, पतंग उड़ाई और अपने बचपन के खेलों के अनुभव साझा किए। इससे बच्चों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा तथा आयोजन को और अधिक जीवंत बना दिया।
बच्चों ने रचा उल्लास का संसार
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‘अजू गूजा 2.0’ केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी का गहरा संदेश भी दिया गया। “स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता” की भावना के तहत बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को स्वच्छ आदतों के प्रति जागरूक किया गया।
बीकानेर नगर निगम द्वारा चार डिब्बों वाले कचरा पृथक्करण सिस्टम, आरआरआर सेंटर, ईको बोतल और ईको पैन ड्रॉप्स की जानकारी दी गई। ‘वेस्ट टू आर्ट’ गतिविधियों के माध्यम से बच्चों ने यह सीखा कि कचरा भी रचनात्मकता का माध्यम बन सकता है। जागरूकता स्टॉल और सेल्फी प्वाइंट्स ने स्वच्छता को रोचक और यादगार बना दिया।
खेल, सीख और स्वच्छता से सजा बचपन का उत्सव
उत्सव का समापन स्वच्छता शपथ के साथ हुआ, जिसमें बच्चों ने अपने घर, स्कूल और आसपास के क्षेत्रों को साफ रखने, सिंगल यूज प्लास्टिक से दूरी बनाने और दूसरों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। इस पल ने आयोजन को भावनात्मक और प्रेरणादायक बना दिया।
‘अजू गूजा 2.0’ ने यह साबित किया कि खुशहाल बचपन और जिम्मेदार नागरिकता साथ-साथ विकसित हो सकती है। आनंद, सीख और सामाजिक संदेश से भरपूर यह आयोजन बीकानेर को स्वच्छ और हरित भविष्य की ओर ले जाने वाला एक प्रेरक कदम बनकर उभरा।