‘साहब, मेरे बेटे की जान बचा लो’, सऊदी जेल में मौत के साये के बीच भारत सरकार से मदद की गुहार लगाता बलजिंदर का परिवार

पठानकोट में इंसानियत के नाते किसी अनजान परिवार की मदद करना पंजाब के सुजानपुर के रहने वाले बलजिंदर सिंह के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। परिवार का दावा है कि एक बीमार बुजुर्ग तक दवा पहुंचाने के लिए वह पैकेट लेकर सऊदी अरब गया था, लेकिन जांच के दौरान उसी पैकेट से कथित तौर पर नशीला पदार्थ बरामद हुआ।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 September 2026, 1:57 PM IST

New Delhi: पंजाब के पठानकोट में इंसानियत के नाते किसी अनजान परिवार की मदद करना पंजाब के सुजानपुर के रहने वाले बलजिंदर सिंह के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। परिवार का दावा है कि एक बीमार बुजुर्ग तक दवा पहुंचाने के लिए वह पैकेट लेकर सऊदी अरब गया था, लेकिन जांच के दौरान उसी पैकेट से कथित तौर पर नशीला पदार्थ बरामद हुआ। इसके बाद सऊदी अरब की अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई। करीब तीन साल से परिवार अपने बेटे की वापसी और मदद के लिए भारत सरकार से गुहार लगा रहा है।

10 साल से दुबई में ट्रक ड्राइवर था बलजिंदर

बलजिंदर सिंह पठानकोट के हलका सुजानपुर का रहने वाला है। परिवार के मुताबिक, वह पिछले करीब 10 वर्षों से दुबई में ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था। उसका काम दुबई से सऊदी अरब तक सामान पहुंचाना था। इसी सिलसिले में वह अक्सर दोनों देशों के बीच सफर करता था। करीब तीन साल पहले वह छुट्टियां बिताने के बाद दोबारा काम पर लौट गया था। परिवार का कहना है कि इस दौरान उसके साथ ऐसी घटना हो जाएगी, इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

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अनजान परिवार ने दवा पहुंचाने की लगाई थी गुहार

परिवार के अनुसार, एक सफर के दौरान कुछ अनजान लोगों ने बलजिंदर से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब में उनका एक बुजुर्ग बीमार है और उसके लिए दवा का पैकेट वहां पहुंचाना जरूरी है। बलजिंदर ने शुरुआत में उनकी मदद करने से इनकार कर दिया था। लेकिन कथित तौर पर उन लोगों ने उसे बच्चों और बुजुर्ग से वीडियो कॉल पर बात कराई और मदद की अपील की। परिवार का कहना है कि इसके बाद बलजिंदर ने इंसानियत के नाते पैकेट सऊदी अरब पहुंचाने की बात मान ली।

बॉर्डर पर जांच के दौरान पकड़ा गया

बलजिंदर के पिता जसविंदर सिंह का आरोप है कि पैकेट में दवा के नाम पर नशीला पदार्थ छिपाया गया था। उनके मुताबिक, जब बलजिंदर दुबई से सऊदी अरब पहुंचा और वहां सीमा पर सामान की स्कैनिंग हुई तो पैकेट में कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिला।

इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया और मामला अदालत तक पहुंचा। परिवार के अनुसार, सऊदी अरब की अदालत ने बलजिंदर को मौत की सजा सुनाई है। परिवार लगातार इस फैसले के खिलाफ मदद की उम्मीद कर रहा है।

परिवार ने साजिश का लगाया आरोप

परिवार का कहना है कि बलजिंदर अमृतधारी सिख है और उसका नशे या किसी गैरकानूनी गतिविधि से कोई संबंध नहीं रहा है। पिता जसविंदर सिंह का दावा है कि उनका बेटा दूसरों की मदद करने की भावना रखता था और इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसे फंसाया गया। परिवार इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि अगर मामले की गहराई से जांच हो तो यह पता लगाया जा सकता है कि दवा के पैकेट में नशीला पदार्थ किसने रखा था और बलजिंदर को किस तरह इस मामले में फंसाया गया।

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मां, पत्नी और बच्चों को सरकार से उम्मीद

बलजिंदर के परिवार में उसकी पत्नी, माता-पिता और दो छोटे बच्चे हैं। उसका एक बेटा तीन साल का और बेटी आठ साल की है। परिवार के मुताबिक, लंबे समय से पिता से दूर रहने के कारण बच्चों पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। बलजिंदर की मां और पत्नी भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील कर रही हैं। परिवार चाहता है कि भारतीय अधिकारी सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ मामले को उठाएं और कानूनी मदद उपलब्ध कराएं।

परिजनों की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि मामले की सच्चाई सामने आए और बलजिंदर की जान बचाई जा सके। परिवार का कहना है कि उनका बेटा अगर वापस भारत लौटता है तो वह अपने बच्चों और परिवार के साथ फिर से सामान्य जिंदगी शुरू कर सकेगा।

Location :  New Delhi

Published :  14 September 2026, 1:57 PM IST