
सच की तह तक जाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका (सोर्स- Pinterest)
Jalandhar: पंजाब के जालंधर के फगवाड़ा में स्थित प्रसिद्ध लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) परिसर में हाल ही में भड़की भयंकर हिंसा, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाओं ने सभी को हैरान कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराने के लिए अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। अदालत में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल कर इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की गई है। मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की बेंच इस महत्वपूर्ण याचिका पर बुधवार, 30 सितंबर 2026 को सुनवाई करने के लिए तैयार हो गई है।
यह पूरा मामला एक सनसनीखेज और झूठी अफवाह से शुरू हुआ। बीते कुछ दिनों से रेडिट और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक फर्जी दावा तेजी से वायरल हो रहा था। इस वायरल पोस्ट में यह कहा गया कि LPU के गर्ल्स हॉस्टल-3 के अंदर एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न की घटना हुई है और तेलंगाना की रहने वाली एक छात्रा ने इस वजह से आत्महत्या कर ली है। हालांकि, पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की शुरुआती जांच में इन दावों का कोई भी सबूत नहीं मिला है। साफ है कि यह पूरी घटना महज एक अफवाह (Rumour Rage) का नतीजा थी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
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सोशल मीडिया पर फैली इस झूठी खबर के बाद रविवार, 27 सितंबर की तड़के करीब 1 से 2 बजे के बीच हजारों की संख्या में छात्र अपने हॉस्टल से बाहर निकल आए। यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया और छात्रों ने उग्र होकर जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे (NH-44) को पूरी तरह से जाम कर दिया।
जब मौके पर पहुंची पुलिस ने इस हाईवे को खाली करवाने और यातायात को सुचारू करने का प्रयास किया, तो माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर पथराव कर दिया, कई पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया और गाड़ियों के शीशे तक तोड़ डाले। स्थिति को बेकाबू होता देख पुलिस को मजबूरन बल प्रयोग करना पड़ा और लाठीचार्ज करना पड़ा।
हिंसा की इस आंधी में यूनिवर्सिटी परिसर के भीतर बने 'यूनि मॉल' को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा। मॉल के अंदर मौजूद दुकानों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई और सामान लूटा गया। सोशल मीडिया पर मॉल के कई सीसीटीवी फुटेज तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें कुछ लोगों को दुकानों से सामान चुराकर ले जाते हुए साफ देखा जा सकता है।
इस घटना को लेकर यूनिवर्सिटी के डीन डॉ. सौरभ लखनपाल और मॉल के दुकानदारों का कहना है कि शुरुआत में छात्रों का प्रदर्शन शांत था, लेकिन बाद में चेहरा ढंके हुए कुछ बाहरी और असामाजिक तत्व हाथों में लोहे की रॉड लेकर मुख्य गेट से अंदर घुस आए। इन बाहरी तत्वों ने ही सुनियोजित तरीके से संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और दुकानों में लूटपाट की। हालांकि, सामने आए फुटेज में कुछ हॉस्टल के छात्रों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है, जिसकी पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यौन उत्पीड़न या किसी छात्रा की आत्महत्या की बात पूरी तरह झूठी है और इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है। फिर भी, छात्रों के भारी रोष को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दुष्कर्म और अन्य धाराओं के तहत मामले दर्ज कर लिए हैं। पूरे मामले की तह तक जाने के लिए पंजाब पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। एहतियात के तौर पर परिसर में अगले 10 दिनों के लिए सभी कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं, मिड-टर्म परीक्षाओं को टाल दिया गया है और इलाके में एहतियातन इंटरनेट सेवाओं को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अब सभी की निगाहें कल होने वाली हाई कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं।
Location : Jalandhar
Published : 29 September 2026, 12:10 PM IST