वाह! यहां आपको सिर्फ 1000 प्रति गज में मिलेगी जमीन, 42 साल बाद आया बड़ा फैसला, पढ़ें दिलचस्प खबर

ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान अमृतसर में प्रभावित हुए 133 लोगों को 42 साल बाद बड़ी कानूनी राहत मिली है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 1988 में तय 1000 रुपये प्रति गज की दर के आधार पर मालमंडी में वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 12 September 2026, 2:09 PM IST

Punjab News: 42 साल का इंतजार... उजड़ी दुकानें, छिना कारोबार और फिर शुरू हुई लंबी कानूनी लड़ाई। अमृतसर में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान प्रभावित हुए 133 लोगों को आखिरकार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। वर्षों से पुनर्वास और अपने हक के लिए अदालतों के चक्कर काट रहे इन पीड़ितों के लिए अब मालमंडी में वैकल्पिक जगह मिलने का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि प्रभावित लोगों को 1988 में तय किए गए 1000 रुपये प्रति गज के आधार पर वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराई जाए।

42 साल से चल रही थी कानूनी लड़ाई

ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान अमृतसर में कई लोगों की दुकानें और कारोबार प्रभावित हुए थे। इसके बाद विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास और संपत्ति से जुड़े अधिकारों का मामला लंबे समय तक अलग-अलग स्तरों पर चलता रहा। प्रभावित 133 लोगों के लिए यह सिर्फ जमीन का मामला नहीं था, बल्कि वर्षों से रुकी जिंदगी और अपने अधिकार वापस पाने की लड़ाई थी। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि ये लोग करीब 42 वर्षों से विस्थापन का दंश झेल रहे हैं। ऐसे में सरकार को उनके मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए था।

जमीन के बढ़ते रेट ने बढ़ाई थी मुश्किल

मामला कई बार अलग-अलग दरों पर उलझता रहा। वर्ष 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रभावित लोगों को 10 हजार रुपये प्रति गज के आधार पर राशि जमा कराने का निर्देश दिया था और मामला वापस हाईकोर्ट भेज दिया था। इसके बाद जनवरी 2020 में 14,450 रुपये प्रति गज के हिसाब से आवंटन का फैसला हुआ। लेकिन जुलाई 2022 में पंजाब सरकार ने जमीन की कीमत बढ़ाकर 38,400 रुपये प्रति गज कर दी। अचानक बढ़ी कीमत ने प्रभावित लोगों के सामने फिर बड़ी परेशानी खड़ी कर दी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और बढ़े हुए रेट को कम करने की मांग की।

पुराने रेट पर ही वैकल्पिक जगह देने का आदेश

पीड़ितों की ओर से अधिवक्ता सौरव खुराना और अन्य वकीलों ने अदालत में दलील दी कि दशकों से विस्थापन झेल रहे लोगों पर लगातार बढ़ती जमीन की कीमत का बोझ डालना उचित नहीं है। अदालत ने मामले के तथ्यों और लंबे समय से चले आ रहे विवाद को देखते हुए उनकी मांग स्वीकार कर ली। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों को 1988 में तय 1000 रुपये प्रति गज की दर के आधार पर वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराई जाए।

मालमंडी में फिर बसने की उम्मीद

हाईकोर्ट के आदेश के बाद 133 पीड़ित परिवारों के लिए अमृतसर की मालमंडी में वैकल्पिक जगह मिलने की उम्मीद जगी है। जिन लोगों ने वर्ष 1984 की घटनाओं के बाद से पुनर्वास और संपत्ति के अधिकार के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी, उनके लिए यह फैसला 42 साल बाद मिली बड़ी राहत माना जा रहा है। अब देखना होगा कि पंजाब सरकार अदालत के आदेश को किस तरह लागू करती है और प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक जगह कब तक उपलब्ध कराई जाती है।

Location :  Punjab

Published :  12 September 2026, 1:23 PM IST