पंजाब के लाडोवाल टोल पर किसानों का प्रदर्शन, आखिर क्यों आधे घंटे तक थम गई गाड़ियों की रफ्तार?

पंजाब के सबसे महंगे लाडोवाल टोल प्लाजा पर किसानों का गुस्सा अचानक फूट पड़ा। आधे घंटे तक टोल बंद होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मामला जमीन अधिग्रहण और करोड़ों के मुआवजे से जुड़ा है, जिसमें किसानों ने सरकार और NHAI पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 17 May 2026, 1:45 PM IST

Ludhiana: पंजाब के सबसे महंगे माने जाने वाले लाडोवाल टोल प्लाजा पर किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) डकोंदा के नेतृत्व में किसानों ने जमीन अधिग्रहण के मुआवजे की मांग को लेकर टोल प्लाजा को करीब आधे घंटे तक बंद रखा। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

टोल प्लाजा पर खड़ी कर दी गाड़ियां

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी गाड़ियां टोल प्लाजा की लाइनों में खड़ी कर दीं, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। अचानक टोल बंद होने की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। माहौल को शांत करने के लिए प्रशासन ने किसानों से बातचीत शुरू की।

स्थिति को संभालने के लिए एसडीएम कुलदीप सिंह भी मौके पर पहुंचे और किसान नेताओं से बातचीत की। करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन के आश्वासन पर किसानों ने फिलहाल धरना समाप्त कर दिया।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सपा नेताओं का हल्लाबोल, कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ दिया धरना

किसानों का आरोप- जमीन ले ली

किसान नेताओं का कहना है कि जम्मू-कटड़ा हाईवे परियोजना के लिए उनकी जमीनों का अधिग्रहण किया गया था। किसानों ने प्रशासन के भरोसे अपनी जमीनों का कब्जा दे दिया और अब वहां सड़क निर्माण का कार्य भी पूरा हो चुका है। इसके बावजूद उन्हें अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला। बीकेयू डकोंदा के प्रधान जगरूप सिंह हसनपुर ने बताया कि कई किसानों को केवल आधा भुगतान मिला है, जबकि कुछ किसानों को पिछले दो साल से एक रुपया तक नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसान सरकारी दफ्तरों में जाते हैं तो उन्हें कहा जाता है कि NHAI की तरफ से अभी भुगतान जारी नहीं हुआ है।

45 दिन पहले भी दिया था प्रशासन को ज्ञापन

किसानों ने बताया कि करीब 45 दिन पहले भी प्रशासन को इस मुद्दे पर ज्ञापन दिया गया था। उस समय अधिकारियों ने जल्द भुगतान कराने का भरोसा दिया था, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। किसानों का कहना है कि जिन लोगों की जमीनें चली गईं, वे अब नई जमीन खरीदने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि उन्हें पूरा मुआवजा नहीं मिला। इतना ही नहीं, कुछ किसानों को सरकार की तरफ से ऐसे पत्र भी भेजे गए हैं जिनमें पहले मिले भुगतान को वापस लौटाने की बात कही गई है।

पंचायतों के विकास कार्य भी प्रभावित

किसानों ने आरोप लगाया कि कई पंचायतों के फंड भी सरकार की तरफ से रोक दिए गए हैं, जिससे गांवों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसान संगठनों ने मांग की है कि सरकार लिखित में यह बताए कि किसानों के खातों में पूरा पैसा कब तक डाला जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तय समय में भुगतान नहीं हुआ तो लाडोवाल टोल प्लाजा को अनिश्चितकाल के लिए बंद किया जाएगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

यूपी सरकार की 11 कमेटियों की रिपोर्ट से हिल सकता है पूरा सिस्टम, प्रदेश की सभी 52 निजी विश्वविद्यालयों की होगी जांच

एसडीएम बोले- 30 करोड़ रुपए जारी हो चुके

मामले पर एसडीएम कुलदीप सिंह ने कहा कि किसानों द्वारा 54 किसानों की एक सूची प्रशासन को सौंपी गई है, जिनका भुगतान लंबित है। इनमें से 20 किसानों के मामलों को नेशनल हाईवे अथॉरिटी को भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि 20 फरवरी से अब तक करीब 30 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों को जारी किया जा चुका है। बाकी किसानों के भुगतान को लेकर भी संबंधित अधिकारियों से बातचीत चल रही है और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

Location :  Ludhiana

Published :  17 May 2026, 1:45 PM IST