
CJP प्रदर्शन पर अमेरिकी सांसदों की चिट्ठी (Img- Pinterest)
New Delhi: भारत में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर अमेरिका के छह सांसदों ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखा है। सांसदों ने छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई, हिरासत और बल प्रयोग को लेकर चिंता जताते हुए रुबियो से भारत के अधिकारियों के साथ बातचीत में इन मुद्दों को उठाने की मांग की है। पत्र पर प्रमिला जयपाल, इल्हान उमर, जेम्स पी. मैकगवर्न, जीसस जी. चुई गार्सिया, रशीदा तलीब और एलेनोर होम्स नॉर्टन के हस्ताक्षर हैं।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, सांसदों ने 16 अक्टूबर को यह पत्र विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भेजा। इसमें दिल्ली और भारत के अन्य हिस्सों में छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित दमन, गलत तरीके से हिरासत में लेने और जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किए जाने को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।
सांसदों ने रुबियो से आग्रह किया कि वह भारतीय अधिकारियों के साथ होने वाली बातचीत में मानवाधिकार, शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दें। उन्होंने इन घटनाओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग भी उठाई।
दिल्ली में CJP संस्थापक अभिजीत दिपके हिरासत में, सेंट्रल पार्क के बाहर 6,000 से ज्यादा जवान तैनात
पत्र में अमेरिकी सांसदों ने एक अन्य मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावासों के कर्मचारी या उनके साथ काम करने वाले लोग, प्रदर्शन करने वाले कुछ व्यक्तियों की निगरानी कर रहे हैं और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं।
सांसदों के मुताबिक, अमेरिका की धरती पर अपने मौलिक अधिकारों का इस्तेमाल करने वाले लोगों से जुड़े इन आरोपों की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, ये आरोप पत्र में सांसदों की ओर से लगाए गए हैं; इनके संबंध में स्वतंत्र पुष्टि सामने आना बाकी है।
तीन पन्नों के इस पत्र में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया गया है। सांसदों ने इसे युवाओं के आंदोलन के रूप में प्रस्तुत करते हुए इसके पीछे की पृष्ठभूमि का उल्लेख किया।
CJP का नाम सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी के संदर्भ में रखा गया था, जिसमें बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से किए जाने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद इस नाम को युवाओं के आंदोलन के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया जाने लगा।
Video: CJP की तिरंगा यात्रा से पहले दिल्ली पुलिस एक्शन में, अभिजीत दीपके के घर पहुंची टीम
अमेरिकी सांसदों का यह पत्र ऐसे समय आया है, जब विदेश मंत्री मार्को रुबियो के अगले सप्ताह भारत आने और मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करने की योजना है। सांसदों ने इस दौरे के दौरान मानवाधिकार और नागरिक स्वतंत्रताओं से जुड़े मुद्दे उठाने की अपील की है।
इस पत्र के बाद भारत में विरोध प्रदर्शनों से जुड़े घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, इस मामले में अमेरिकी सांसदों की मांगों और भारत सरकार के रुख के बीच क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, यह आगे की कूटनीतिक बातचीत से स्पष्ट होगा।
Location : New Delhi
Published : 17 October 2026, 12:21 PM IST