
राज्यपाल योगी कैबिनेट के नए मंत्रियों को शपथ दिलाते हुए (Img: Google)
Lucknow: योगी सरकार के हालिया मंत्रिमंडल विस्तार के बाद जहां नए मंत्रियों को जिम्मेदारियां मिलने की उम्मीद थी, वहीं अब विभागों के बंटवारे में हो रही देरी ने राजनीतिक चर्चाओं को और गर्म कर दिया है। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी मंत्रियों को विभाग आवंटित नहीं किए जा सके हैं, जिससे सत्ता और संगठन दोनों स्तर पर असमंजस की स्थिति है।
सूत्रों के मुताबिक विभागों के बंटवारे को लेकर केंद्रीय नेतृत्व और राज्य नेतृत्व के बीच पूरी सहमति नहीं बन पाई है। कुछ अहम विभागों को लेकर मंथन जारी है और इसी वजह से अंतिम फैसला टलता जा रहा है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा से वापसी के बाद इस मुद्दे पर निर्णायक बैठक हो सकती है।
इसी बीच रायपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक पर भी सबकी नजरें टिकी हैं। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच मुलाकात की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस मुलाकात में विभागों के बंटवारे को लेकर कोई बड़ा संकेत सामने आ सकता है।
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दिलचस्प बात यह है कि मामला सिर्फ मंत्रियों तक सीमित नहीं है। प्रदेश भाजपा संगठन की नई टीम की घोषणा भी फिलहाल रोक दी गई है। इसके साथ ही निगम और बोर्डों में खाली पड़े पदों पर नियुक्तियों की तैयार सूची भी ठंडे बस्ते में चली गई है। बताया जा रहा है कि दर्जा प्राप्त मंत्रियों के नाम तक लगभग तय हो चुके थे, लेकिन विभागीय विवाद ने पूरी प्रक्रिया को प्रभावित कर दिया।
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राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा नेतृत्व इस बार हर फैसले को बेहद संतुलित तरीके से लेना चाहता है। आगामी चुनावों और संगठनात्मक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचा जा रहा है। हालांकि विपक्ष ने इस देरी को सरकार के अंदरूनी मतभेदों से जोड़ना शुरू कर दिया है। अब सबकी निगाहें 20 मई के बाद होने वाली संभावित बैठकों पर टिकी हैं, जहां उत्तर प्रदेश की राजनीति को नई दिशा देने वाले फैसले सामने आ सकते हैं।
Location : Lucknow
Published : 17 May 2026, 11:04 AM IST