
वोटर लिस्ट की गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन (Img: AI Generated)
Pilibhit: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतों ने प्रशासन में हलचल मचा दी है। पीलीभीत में जांच के दौरान वोटर लिस्ट से जुड़ी अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। दो उपजिलाधिकारियों (SDM) को उनकी जिम्मेदारियों से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है, जबकि चार अन्य अधिकारियों के कार्यक्षेत्र भी बदल दिए गए हैं।
मामला सिर्फ अधिकारियों के तबादले तक सीमित नहीं है। अब राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की जांच की तैयारी है। ऐसे में सवाल है कि आखिर वोटर लिस्ट में क्या गड़बड़ी मिली और कितने मतदाताओं के नाम इससे प्रभावित हो सकते हैं?
पीलीभीत में मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों और जांच रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर अमरिया के SDM हेमंत चौधरी और पूरनपुर के SDM मयंक गोस्वामी को हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
इसके साथ ही चार अन्य उपजिलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। पूरनपुर में SDM न्यायिक के पद पर तैनात रामकुमार बैठा को अमरिया की जिम्मेदारी दी गई है। बीसलपुर के SDM नागेंद्र पांडेय को पूरनपुर भेजा गया है। कलीनगर के SDM प्रमेश कुमार को बीसलपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि पीलीभीत में SDM न्यायिक पवन कुमार को कलीनगर का उपजिलाधिकारी बनाया गया है।
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यह कार्रवाई मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच के बाद हुई है। मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
इस मामले में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। शिकायतों के मुताबिक, कुछ मतदाताओं के वोटर पहचान पत्र यानी EPIC नंबर सही होने के बावजूद ऑनलाइन खोज करने पर किसी दूसरे व्यक्ति का नाम दिखाई दे रहा था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शिकायतों की जांच कराई। जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट में EPIC नंबर से जुड़ी गड़बड़ी की पुष्टि होने की बात सामने आई। इसके बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
चुनाव संबंधी नियमों के तहत मामले में कानूनी कार्रवाई की बात भी कही गई है। हालांकि, किसी अधिकारी या कर्मचारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी और दोष का अंतिम निर्धारण संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।
विपक्षी दलों ने मतदाता सूची को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। सपा और कांग्रेस की ओर से की गई शिकायतों में दावा किया गया कि पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र में 13,150 मतदाताओं के EPIC नंबर सही होने के बावजूद उनके नाम गलत दर्ज थे। इसके अलावा 854 मतदाताओं के नाम सूची से हटाने और करीब 2,600 ऐसे लोगों के नाम जोड़ने का आरोप लगाया गया, जो संबंधित क्षेत्र में नहीं रहते।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारी को संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और वीआरसी ऑपरेटर को पद से हटाने तथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मामले में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
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इसके अलावा पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र के सभी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) की जिम्मेदारी तय करने के लिए भी रिपोर्ट मांगी गई है।
पीलीभीत का मामला सामने आने के बाद प्रदेश में मतदाता सूची की जांच को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अगले दो दिनों में उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की जांच की जाएगी। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां सूची को ठीक करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने के निर्देश हैं।
इसी बीच बस्ती सदर, हरैया, महादेवा और रुधौली विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में भी समाजवादी पार्टी की ओर से गड़बड़ी की शिकायतें की गई हैं। इन शिकायतों की स्थिति और जांच के निष्कर्षों पर भी नजर रहेगी।
Location : Pilibhit
Published : 22 October 2026, 1:45 PM IST
Topics : Election Commission of India SDM Transfer UP Electoral Roll Verification UP Voter List Error