UP Assembly Election 2027: कमजोर कड़ी मजबूत करने की रणनीति, पूर्वांचल में सहयोगियों को 75 सीटें दे सकती है भाजपा?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक के लिए भाजपा पूर्वांचल में अपना दल, निषाद पार्टी और सुभासपा को 55 सीटें और रालोद को 20 सीटें देकर कुल 70 से 75 सीटें सहयोगियों को देने की तैयारी कर रही है। नवरात्र के बाद सीट बंटवारे पर औपचारिक बातचीत शुरू होगी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 September 2026, 8:30 AM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है। पार्टी इस बार सीट बंटवारे के मामले में काफी उदार रवैया अपनाने जा रही है। इसका मुख्य केंद्र पूर्वांचल का इलाका है, जहां पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी को बड़ा झटका लगा था।

पूर्वांचल और सहयोगी दलों पर विशेष फोकस

बीते लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने पूर्वांचल की कई सीटों पर बढ़त हासिल कर ली थी, जिससे भाजपा के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। इस क्षेत्र के जातीय समीकरण को दोबारा अपने पक्ष में साधने के लिए भाजपा पूरी तरह से अपने तीन प्रमुख क्षेत्रीय सहयोगियों- अपना दल (एस), निषाद पार्टी और सुभासपा पर निर्भर है। इन तीनों दलों का कुर्मी, निषाद और राजभर समुदायों पर अच्छा प्रभाव है और ये करीब 100 सीटों पर चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।

अनुमान है कि भाजपा अकेले पूर्वांचल में ही अपने इन तीनों सहयोगियों को 50 से 55 सीटें दे सकती है। इसके अलावा, पश्चिम उत्तर प्रदेश में अपनी इकलौती सहयोगी रालोद (राष्ट्रीय लोकदल) को पार्टी अधिकतम 20 सीटें देने की योजना बना रही है। इस प्रकार, उत्तर प्रदेश के इन सभी सहयोगियों को मिलाकर भाजपा कुल 70 से 75 सीटें दे सकती है।

UP Politics: राहुल गांधी के गढ़ रायबरेली में BJP ने किसे सौंपी जिम्मेदारी? 2027 चुनाव से पहले बड़ा संगठनात्मक फेरबदल

सीटों की मांग और बढ़ा हुआ गठबंधन दायरा

पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार एनडीए में भाजपा के सहयोगियों की संख्या 2 से बढ़कर 4 हो गई है। ऐसे में सभी दल सीटों के लिए कड़ा मोलभाव कर रहे हैं-

रालोद और सुभासपा अपनी पुरानी संख्या क्रमशः 33 और 18 सीटों पर दावेदारी कर रहे हैं।

पिछली बार 16 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली निषाद पार्टी इस बार 25 सीटें मांग रही है।

अपना दल (एस) भी पिछली बार की 17 सीटों से अधिक की मांग कर रही है।

BREAKING: यूपी में कई अपर पुलिस अधीक्षकों समेत 31 PPS अफसरों के तबादले, देखें पूरी लिस्ट

नवरात्र के बाद शुरू होगी बातचीत

सहयोगी दलों की संख्या और उनकी बड़ी मांगों के कारण इस बार भाजपा खुद लगभग 330 से 335 सीटों पर चुनाव मैदान में उतर सकती है। सीट बंटवारे को लेकर आधिकारिक बातचीत और चर्चा नवरात्र के बाद शुरू होने की संभावना है।

Location :  Lucknow

Published :  20 September 2026, 8:30 AM IST