
यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा सीट बंटवारा (सोर्स- Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है। पार्टी इस बार सीट बंटवारे के मामले में काफी उदार रवैया अपनाने जा रही है। इसका मुख्य केंद्र पूर्वांचल का इलाका है, जहां पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी को बड़ा झटका लगा था।
बीते लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने पूर्वांचल की कई सीटों पर बढ़त हासिल कर ली थी, जिससे भाजपा के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। इस क्षेत्र के जातीय समीकरण को दोबारा अपने पक्ष में साधने के लिए भाजपा पूरी तरह से अपने तीन प्रमुख क्षेत्रीय सहयोगियों- अपना दल (एस), निषाद पार्टी और सुभासपा पर निर्भर है। इन तीनों दलों का कुर्मी, निषाद और राजभर समुदायों पर अच्छा प्रभाव है और ये करीब 100 सीटों पर चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
अनुमान है कि भाजपा अकेले पूर्वांचल में ही अपने इन तीनों सहयोगियों को 50 से 55 सीटें दे सकती है। इसके अलावा, पश्चिम उत्तर प्रदेश में अपनी इकलौती सहयोगी रालोद (राष्ट्रीय लोकदल) को पार्टी अधिकतम 20 सीटें देने की योजना बना रही है। इस प्रकार, उत्तर प्रदेश के इन सभी सहयोगियों को मिलाकर भाजपा कुल 70 से 75 सीटें दे सकती है।
पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार एनडीए में भाजपा के सहयोगियों की संख्या 2 से बढ़कर 4 हो गई है। ऐसे में सभी दल सीटों के लिए कड़ा मोलभाव कर रहे हैं-
रालोद और सुभासपा अपनी पुरानी संख्या क्रमशः 33 और 18 सीटों पर दावेदारी कर रहे हैं।
पिछली बार 16 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली निषाद पार्टी इस बार 25 सीटें मांग रही है।
अपना दल (एस) भी पिछली बार की 17 सीटों से अधिक की मांग कर रही है।
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सहयोगी दलों की संख्या और उनकी बड़ी मांगों के कारण इस बार भाजपा खुद लगभग 330 से 335 सीटों पर चुनाव मैदान में उतर सकती है। सीट बंटवारे को लेकर आधिकारिक बातचीत और चर्चा नवरात्र के बाद शुरू होने की संभावना है।
Location : Lucknow
Published : 20 September 2026, 8:30 AM IST
Topics : BJP NDA Alliance Purvanchal Politics Rashtriya Lok Dal UP Assembly Election 2027 UP Election Seat Sharing