
बिजनौर में चंद्रशेखर आज़ाद को किया गया हाउस अरेस्ट (Img: Source)
Bijnor: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। आज़ाद समाज पार्टी (आसपा) के प्रमुख और नगीना लोकसभा सीट से नवनिर्वाचित सांसद चंद्रशेखर आज़ाद को पुलिस प्रशासन द्वारा उनके धामपुर स्थित निजी आवास पर हाउस अरेस्ट (नज़रबंद) कर दिया गया है। पार्टी द्वारा पूर्व घोषित 'सत्ता परिवर्तन यात्रा' शुरू होने से ठीक पहले पुलिस ने यह बड़ा कदम उठाया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से आज़ाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है और जिले का सियासी पारा अचानक बेहद गर्म हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज़ाद समाज पार्टी ने गुरुवार सुबह 11 बजे से बिजनौर जिला मुख्यालय स्थित नुमाइश मैदान से एक विशाल 'सत्ता परिवर्तन यात्रा' निकालने का ऐलान किया था। इस यात्रा को विभिन्न व्यस्त मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पहुंचना था। कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए जिला प्रशासन ने सुबह से ही चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी। इसके साथ ही धामपुर स्थित सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के आवास को चार थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस ने आवास की तरफ जाने वाले सभी मुख्य रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी है और किसी भी कार्यकर्ता या बाहरी व्यक्ति को सांसद से मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
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— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) June 4, 2026
खुद को अपने ही घर में नज़रबंद किए जाने पर नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, "मौजूदा सरकार हमारे बढ़ते जनाधार से बुरी तरह डर गई है। इसी डर के कारण मुझे बिजनौर जाने से जबरन रोका जा रहा है। पुलिस प्रशासन दलील दे रहा है कि मेरी जान को खतरा हो सकता है। अगर मुझे मेरे अपने ही लोगों के बीच जाने से खतरा है, तो सरकार को मेरी पूरी सुरक्षा तत्काल वापस ले लेनी चाहिए।"
सांसद ने अत्यंत आक्रामक अंदाज में आगे कहा, "जब भी मैं समाज के शोषितों और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कहीं जाने का प्रयास करता हूँ, पुलिस मुझे आगे बढ़ने से रोक देती है। यह सब पूरी तरह से सरकार के इशारे पर हो रहा है। अगर मैं किसी भी तरह से कानून के खिलाफ या गलत कार्य कर रहा हूँ, तो पुलिस को मुझे सीधे जेल भेज देना चाहिए या फिर मुझे बीच चौराहे पर गोली मार देनी चाहिए, लेकिन इस तरह लोकतंत्र की हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने कलेक्ट्रेट की तरफ जाने वाले मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया है और नुमाइश मैदान चौराहे पर बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। इस प्रशासनिक बंदिश के बावजूद चंद्रशेखर आज़ाद ने साफ किया कि वे कमजोर नहीं हैं और कोई उन्हें कमजोर समझने की भूल न करे। उन्होंने दावा किया कि वे हर हाल में बिजनौर पहुंचेंगे और अपनी इस जन यात्रा में शामिल होकर रहेंगे। सांसद ने यह भी जोड़ा कि इसमें ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों का कोई दोष नहीं है, क्योंकि वे भी सिर्फ सरकार के हुक्म का पालन कर रहे हैं।
Location : Bijnor
Published : 4 June 2026, 2:12 PM IST