कोलकाता भगदड़ के बाद बंगाल सरकार सख्त, 3 बड़े दुर्गा पूजा पंडालों को नोटिस, सुरक्षा इंतजामों में कहां मिली कमी?

कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के बाद पश्चिम बंगाल सरकार सतर्क हो गई है। राज्य के अग्निशमन विभाग ने दक्षिण कोलकाता के तीन प्रमुख पूजा पंडालों को सुरक्षा संबंधी नोटिस जारी किए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 19 October 2026, 3:31 PM IST

Kolkata: चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के दौरान 19 लोगों की मौत के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। राज्य के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने दक्षिण कोलकाता की तीन दुर्गा पूजा समितियों को नोटिस जारी किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान इन पंडालों में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी कुछ कमियां सामने आई थीं।

नोटिस पाने वाली समितियों में चेतला अग्रणी, बालीगंज कल्चरल एसोसिएशन और त्रिधारा सम्मिलनी शामिल हैं। विभाग ने पंडालों में सुरक्षा इंतजामों को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जरूरी सावधानियां बरतने पर जोर दिया है।

ज्वलनशील सामान और LPG सिलेंडरों पर आपत्ति

अग्निशमन विभाग ने रविवार को ही पंडालों के आसपास बनाए गए अस्थायी व्यावसायिक ढांचों और खतरनाक स्टॉलों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों ने खास तौर पर उन पंडालों के पास LPG सिलेंडर रखे होने पर चिंता जताई, जहां ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।

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सरकार की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने के बीच पंडाल समितियों को भीड़भाड़ से बचने और आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

रोशनी, वेंटिलेशन और रास्तों पर जोर

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पंडालों में पर्याप्त रोशनी और हवा आने-जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। भीड़ के कारण दम घुटने जैसी स्थिति न बने, इसके लिए पर्याप्त पंखे और एसी यूनिट लगाने के निर्देश भी दिए गए।

बालीगंज कल्चरल एसोसिएशन को पंडाल के भीतर रोशनी बेहतर करने और व्यावसायिक गतिविधियों से प्रवेश और निकास के रास्ते बाधित न होने देने को कहा गया।

समिति के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। प्रकाश व्यवस्था में सुधार किया गया है और रासबिहारी एवेन्यू और ट्रायंगुलर पार्क की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के रास्ते खुले रखने की व्यवस्था की गई है।

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त्रिधारा सम्मिलनी ने क्या कहा?

त्रिधारा सम्मिलनी के वरिष्ठ पदाधिकारी देवाशिष कुमार ने कहा कि समिति को उद्घाटन से पहले ही अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) मिल गया था। उन्होंने दावा किया कि पंडाल में अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया है और प्रवेश द्वार से लेकर रास्तों तक रोशनी की व्यवस्था है।

उन्होंने बताया कि भीड़ नियंत्रण और अग्नि सुरक्षा उपायों के पालन की जानकारी विभाग को दे दी गई है और अनुपालन रिपोर्ट भी भेजी गई है। हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही संभालने के लिए कोलकाता पुलिस, नागरिक सुरक्षा अधिकारियों और नगर निकाय के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। वहीं चेतला अग्रणी के किसी भी अधिकारी से प्रतिक्रिया के लिए संपर्क नहीं हो सका।

Location :  Kolkata

Published :  19 October 2026, 3:31 PM IST