
यूपी चुनाव से पहले मायावती का मास्टरस्ट्रोक (सोर्स- एक्स)
Lucknow: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की लगातार बढ़ती सरगर्मियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। बसपा प्रमुख मायावती ने फिर एक बड़ा फैसला लेते हुए पार्टी में अहम बदलाव किया है। मायावती ने अपने पुराने सिपहसालार राजाराम को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय सम्न्वयक बनाने की घोषणा की है। बीएसपी में लगातार फेरबदल और प्रमुख पदों पर हर रोज हो रहे नये बदलावों को लेकर सियासी चर्चाएं जोर पकड़ने लगीं हैं।
बसपा प्रमुख मायावती ने इससे पहले अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद से नेशनल कॉडिनेटर का पद छीना था और उन्हें पार्टी की जम्मेदारियों से भी मुक्त कर दिया है। मायावती ने आकाश आनंद की जगह और उनके छोटे भाई और अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक (National Convener) बनाया। इस बदलाव के एक सप्ताह के बाद ही मायावती ने अब राजाराम को पार्टी का राष्ट्रीय सम्न्वयक (National Coordinator) बनाया है।
पूर्व में बसपा संगठन के देश भर में कुल छह सेक्टर हुआ करते थे, लेकिन अब पार्टी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इन्हें घटाकर तीन सेक्टरों में बांट दिया गया है। इस नए सांगठनिक स्वरूप के जरिए पार्टी हाईकमान आगामी रणनीतियों को तेजी से अमलीजामा पहनाने की तैयारी में है। खास बात यह है कि राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों को सेक्टर एक के अंतर्गत रखा गया है, जिसकी सीधी कमान पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अपने हाथों में ली है।
संगठन के नए विभाजन के बाद सेक्टर दो और सेक्टर तीन की जिम्मेदारी पार्टी के दो अनुभवी और भरोसेमंद नेताओं को दी गई है-
रामजी गौतम: राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को महत्वपूर्ण सांगठनिक जिम्मेदारी सौंपते हुए 10 राज्यों का प्रभार दिया गया है।
राजाराम: पूर्व राज्यसभा सदस्य राजाराम को सेक्टर की जिम्मेदारी के तहत कुल 9 राज्यों का प्रभार सौंपा गया है।
इन दोनों नेताओं पर अपने-अपने सेक्टर के अंतर्गत आने वाले राज्यों में पार्टी संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और चुनावी तैयारियों को रफ्तार देने का दारमदारे रहेगा।
यह फेरबदल ऐसे समय में सामने आया है जब पार्टी में सांगठनिक स्तर पर लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। कुछ समय पहले ही पार्टी में राष्ट्रीय संयोजक के पद को लेकर भी फेरबदल किए गए थे, जिसमें आकाश आनंद को इस पद से हटाकर ईशान आनंद को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब देश के सांगठनिक ढांचे का पुनर्गठन यह स्पष्ट करता है कि बसपा नेतृत्व आगामी चुनौतियों और चुनावी समर से पहले पार्टी मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय और अनुशासित करने में जुटा हुआ है। मायावती खुद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की मोर्चेबंदी संभालते हुए क्षेत्रीय स्तर पर पार्टी की पकड़ को और अधिक मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही हैं।
Location : Lucknow
Published : 27 September 2026, 11:46 AM IST