
दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह की कंपनियों से होगी वसूली (Img: AI Generated)
Ballia: बहुजन समाज पार्टी के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह की कंपनियों से जुड़े मामले में आयकर विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की जांच में मिले दस्तावेजों और अन्य सबूतों के आधार पर 400 करोड़ रुपये से अधिक टैक्स वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात सामने आई है। अब इस मामले की रिपोर्ट अंतिम निर्धारण के लिए आयकर मुख्यालय भेजी जाएगी, जहां टैक्स देनदारी तय की जाएगी।
आयकर विभाग की इंवेस्टिगेशन विंग ने फरवरी महीने में उमाशंकर सिंह से जुड़ी कंपनियों और ठिकानों पर बड़े स्तर पर छापेमारी की थी। लखनऊ, बलिया, सोनभद्र, मिर्जापुर, प्रयागराज और कौशांबी समेत कई जगहों पर हुई इस कार्रवाई में अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले थे।
जांच के दौरान करीब 10 करोड़ रुपये नकदी मिलने की भी बात सामने आई थी। इसके अलावा संपत्तियों और खनन से जुड़े कई रिकॉर्ड विभाग के हाथ लगे थे। आयकर विभाग ने यह कार्रवाई छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी और साईं राम इंटरप्राइजेज से जुड़े मामलों की जांच के तहत की थी।
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग ने कंपनियों के कामकाज और खनन गतिविधियों की जांच के दौरान कई अहम जानकारियां जुटाईं। जांच में अवैध खनन से जुड़े मामलों को भी शामिल किया गया। विभाग ने मिर्जापुर और सोनभद्र क्षेत्रों में ड्रोन और सेटेलाइट इमेजिंग की मदद से भी कई जानकारियां एकत्र की थीं।
इस मामले की शुरुआत कैग रिपोर्ट में सोनभद्र क्षेत्र में खनन से जुड़े राजस्व नुकसान के उल्लेख के बाद हुई थी। इसके बाद आयकर विभाग ने कंपनियों के लेन-देन, संपत्तियों और आय के स्रोतों की जांच शुरू की।
रिपोर्ट में खनन विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों की भूमिका का भी जिक्र होने की जानकारी सामने आई है। जांच के दौरान कुछ अधिकारियों से जवाब भी मांगे गए थे। आयकर विभाग को छापेमारी के दौरान कुछ ऐसे दस्तावेज मिलने की बात कही गई है, जिनमें अधिकारियों और अन्य लोगों से जुड़े लेन-देन की जानकारी शामिल थी। हालांकि अंतिम टैक्स निर्धारण आयकर मुख्यालय द्वारा किया जाएगा। इस प्रक्रिया में संबंधित कंपनियों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा। इसके बाद ही तय होगा कि कंपनियों पर कितनी वास्तविक टैक्स देनदारी बनती है।
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आयकर विभाग अब जांच रिपोर्ट को आगे की प्रक्रिया के लिए भेजने की तैयारी में है। रिपोर्ट के आधार पर टैक्स चोरी की राशि का आकलन किया जाएगा और नियमों के अनुसार वसूली की कार्रवाई की जाएगी। उमाशंकर सिंह के निधन के बाद भी उनकी कंपनियों से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच जारी है।
Location : Ballia
Published : 7 October 2026, 9:50 AM IST