
बांकीपुर की दिलचस्प सियासी तस्वीर (Img- X)
Bankipur: बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का मुकाबला अब केवल राजनीतिक दलों की लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि यह देश के सबसे अमीर उम्मीदवारों में शामिल एक दिग्गज और बेहद साधारण पृष्ठभूमि के नेता के बीच का अनोखा दंगल बन चुका है।
नामांकन के साथ दाखिल चुनावी हलफनामे ने एक ऐसा विरोधाभास सामने रखा है, जो अमूमन भारतीय राजनीति में कम ही देखने को मिलता है। एक तरफ जहां जन सुराज के सूत्रधार और प्रत्याशी प्रशांत किशोर (PK) करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं, वहीं सत्तारूढ़ भाजपा ने एक ऐसे चेहरे पर दांव खेला है जिसके पास अपनी एक गाड़ी तक नहीं है।
चुनावी हलफनामे के मुताबिक, 49 वर्षीय प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी के पास कुल मिलाकर 111 करोड़ रुपये से अधिक की चल संपत्ति है। अकेले प्रशांत किशोर के पास 22.19 करोड़ रुपये, जबकि उनकी पत्नी के नाम पर 89.51 करोड़ रुपये की चल संपत्ति दर्ज है। इसके अलावा रोहतास जिले में उनके नाम 9.75 करोड़ रुपये की बाजार कीमत वाली राइस मिल की जमीन भी है।
हालांकि, इस भारी-भरकम पूंजी के साथ प्रशांत किशोर के खाते में 8 आपराधिक मुकदमे भी दर्ज हैं, हालांकि किसी भी मामले में अभी आरोप तय नहीं हुए हैं। उनके खिलाफ पटना, बेतिया और मुजफ्फरपुर की अदालतों में शिकायतें लंबित हैं।
इस वीआईपी प्रोफाइल के विपरीत भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा का हलफनामा सादगी की कहानी बयां करता है। मगध विश्वविद्यालय से साल 2024 में ग्रेजुएट हुए नीरज के पास न तो अपना कोई मकान है और न ही कोई गाड़ी। उनकी कुल चल-अचल संपत्ति मात्र 20 लाख 28 हजार 554 रुपये है।
इसमें 12.28 लाख की चल और 8 लाख रुपये की 10 डिसमल कृषि भूमि शामिल है। उनकी आय का मुख्य जरिया खेती और छोटा व्यापार है। दिलचस्प बात यह है कि नीरज पर कोई कर्ज नहीं है और न ही उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है।
बांकीपुर के इस दंगल में भाजपा ने ऐन वक्त पर अभिषेक बंटी का टिकट काटकर नीरज को मैदान में उतारा। लेकिन हलफनामे में एक मजेदार संयोग यह सामने आया कि टिकट गंवाने वाले अभिषेक बंटी और टिकट पाने वाले नीरज कुमार, दोनों के पास नकद (कैश) के रूप में बिल्कुल बराबर यानी 70-70 हजार रुपये ही थे।
Location : Bankipur
Published : 14 July 2026, 9:59 AM IST