77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। परेड में सैन्य शक्ति, स्वदेशी हथियार, सांस्कृतिक झांकियां और ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष की थीम ने राष्ट्रीय गौरव को दर्शाया।

नई दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित रहे। इसके बाद प्रधानमंत्री कर्तव्य पथ पहुंचे, जहां भव्य गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन किया गया। (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली का कर्तव्य पथ राष्ट्रीय गौरव के भव्य मंच में तब्दील हो गया। हजारों सैनिकों की कदमताल, तीनों सेनाओं की भागीदारी, गरजते लड़ाकू विमान और देश की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती रंग-बिरंगी झांकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
इस वर्ष गणतंत्र दिवस की थीम “150 Years of Vande Mataram” रखी गई है। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर यह थीम चुनी गई। परेड, झांकियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाया गया। (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
इस बार की परेड में कई नई झलकियां देखने को मिलेंगी। पहली बार ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, नवगठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन, जांस्कर के टट्टू और बैक्ट्रियन ऊंट शामिल होंगे। इन प्रदर्शनों ने भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति और स्वदेशी क्षमता को दर्शाया जाएंगा। (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
61 कैवेलरी का घुड़सवार दस्ता इस वर्ष युद्धक साजो-सामान के साथ कर्तव्य पथ पर उतरा। ‘फेज्ड बैटल एरे फॉर्मेशन’ में सेना के हथियार और प्लेटफॉर्म वास्तविक युद्ध तैनाती की झलक देते नजर आए। यह परेड का सबसे आकर्षक और चर्चित दृश्य रहा। (फोटो सोर्स- इंटरनेट)