
दिल्ली-UP में बारिश के आसार (Img: AI Generated)
New Delhi: देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। 23 अक्टूबर को दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं, दक्षिण भारत के तमिलनाडु और केरल सहित कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। दूसरी ओर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से ठंड बढ़ने के आसार हैं। मौसम में इस बदलाव के बीच लोगों को बारिश, तेज हवाओं और गिरते तापमान को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में मौसम बदलने की संभावना है। वहीं, दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।
बारिश की संभावना वाले प्रमुख क्षेत्र हैं:
अलग-अलग राज्यों में मौसम की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए लोगों को अपने जिले का ताजा पूर्वानुमान और मौसम विभाग की चेतावनी देखकर ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने से ठंड का असर बढ़ने लगा है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना के बीच तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जैसे क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भी ठंड बढ़ने के आसार हैं।
बर्फबारी के दौरान पहाड़ी रास्तों पर फिसलन और यातायात प्रभावित होने का खतरा रहता है। ऐसे में यात्रियों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए। केदारनाथ और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम और उत्तर-पूर्वी मानसून की सक्रियता दक्षिण भारत के मौसम को प्रभावित कर सकती है। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां पैदा हो सकती हैं। लोगों को सलाह दी जाती है कि भारी बारिश की स्थिति में जलभराव वाले रास्तों से बचें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में मौसम बदलने के साथ वायु गुणवत्ता भी चिंता का विषय बनी हुई है। ठंडी सुबह और शाम के दौरान कुछ इलाकों में धुंध महसूस हो सकती है। बारिश होने पर हवा में मौजूद प्रदूषक कणों में अस्थायी कमी आ सकती है, लेकिन इससे प्रदूषण की समस्या पूरी तरह खत्म होने की गारंटी नहीं है।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता से जुड़े आंकड़ों और प्रतिबंधों की स्थिति समय के साथ बदल सकती है। इसलिए लोगों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा AQI आंकड़े देखने चाहिए। खासकर सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को प्रदूषण अधिक होने पर सावधानी बरतनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में मौसम की स्थिति अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रह सकती है। पश्चिमी यूपी में सुबह और शाम के तापमान में गिरावट से ठंड का असर बढ़ने की संभावना है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
लखनऊ, गोरखपुर, देवरिया, वाराणसी, कानपुर, बांदा और मऊ जैसे जिलों के लिए स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है। हालांकि, इन सभी जिलों में बारिश होगी, ऐसा निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। मौसम की स्थिति जिले और समय के अनुसार बदल सकती है।
अक्टूबर के आखिरी दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में सुबह और शाम का मौसम ठंडा होने लगा है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और ठंडी हवाओं के असर से मैदानी क्षेत्रों के तापमान में भी गिरावट आ सकती है।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश में आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, तापमान में कितनी गिरावट होगी, इसका अनुमान संबंधित क्षेत्रों के ताजा मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ही लगाया जा सकता है।
Location : New Delhi
Published : 23 October 2026, 8:38 AM IST