UGC Bill Row: यूजीसी के नए नियमों पर BJP में भी विरोधाभास, PM मोदी को खून से लिखी चिट्ठी, जानिये पूरा विवाद

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 के एक प्रावधान ने देशभर में सियासी और सामाजिक भूचाल ला दिया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 27 January 2026, 8:23 PM IST

New Delhi: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 के एक प्रावधान ने देशभर में सियासी और सामाजिक भूचाल ला दिया है। नियम 3(सी) को लेकर न सिर्फ विपक्ष, बल्कि अब BJP के भीतर से भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं। विरोध इतना तीखा हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खून से चिट्ठी लिखे जाने तक की नौबत आ गई।

यूजीसी के नए नियमों पर BJP में भी विरोधाभास क्यों

UGC के नए नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता (Equity) को बढ़ावा देना बताया गया है, लेकिन इसके कुछ प्रावधानों को लेकर सामान्य वर्ग और सवर्ण समाज में गहरी नाराज़गी है। उनका आरोप है कि ये नियम समानता के नाम पर एक वर्ग विशेष के खिलाफ भेदभाव को वैध बना सकते हैं।

यही वजह है कि अब BJP के भीतर से भी सवाल उठने लगे हैं। उत्तर प्रदेश के आगरा में नगर निगम के BJP के पूर्व उपसभापति ने खुले तौर पर इन नियमों का विरोध किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि नए प्रावधानों का दुरुपयोग कर कुछ जाति विशेष के लोग मेधावी सामान्य वर्ग के छात्रों को परेशान कर सकते हैं।

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PM मोदी को खून से किसने लिखी चिट्ठी

आगरा में BJP के पूर्व उपसभापति ने विरोध का अनोखा और चौंकाने वाला तरीका अपनाया। उन्होंने अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी और UGC नियमों के दूरगामी दुष्प्रभावों से अवगत कराया। चिट्ठी में कहा गया कि नए नियमों में झूठे आरोप लगाने वालों पर कोई सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान नहीं है, जिससे छात्रों और शिक्षकों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर नियमों में संशोधन की मांग की।

देशभर में विरोध, दिल्ली से रायबरेली तक हंगामा

UGC के नए नियमों के खिलाफ देश के कई राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्ली में सवर्ण समाज के लोगों ने UGC कार्यालय का घेराव किया। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में नेताओं को चूड़ियां भेजने की तैयारी की जा रही है, जिसे प्रतीकात्मक विरोध बताया जा रहा है। विरोध अब सड़कों से अदालत तक पहुंच गया है।

सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, नियम 3(सी) पर सवाल

UGC के नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने नियम 3(सी) को मनमाना भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि यह प्रावधान उच्च शिक्षा में समानता के बजाय नए भेदभाव को जन्म देगा।

विपक्ष का हमला, कांग्रेस ने क्या कहा

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले समाज को धर्म के आधार पर बांटा गया और अब सवर्णों को OBC और SC/ST के नाम पर बांटने की कोशिश हो रही है। अजय राय ने मांग की कि कांग्रेस शासनकाल की UGC गाइडलाइन को ही दोबारा लागू किया जाए, जिसमें किसी वर्ग को आपत्ति नहीं थी।

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सरकार का पक्ष: ‘भ्रांति फैलाई जा रही है’

सरकारी सूत्रों का कहना है कि UGC के नए नियमों को लेकर गलतफहमी और भ्रांति फैलाई जा रही है। सरकार जल्द ही इस पर स्थिति स्पष्ट कर सकती है। हालांकि, बजट सत्र से पहले यह मुद्दा बड़े राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिख रहा है।

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Published : 
  • 27 January 2026, 8:23 PM IST