
जंतर मंतर
New Delhi: नई दिल्ली में जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में हटाए जाने से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा। याचिका में इस व्यवस्था को चुनौती दी गई है।
सुनवाई के दौरान पूर्व न्यायाधीश और वरिष्ठ वकील मुक्ता गुप्ता ने दलील दी कि विरोध-प्रदर्शन के लिए ऐसी जगह होनी चाहिए, जहां प्रदर्शनकारियों की आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंच सके।
मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी की बात सुने जाने के अर्थ को तकनीक के नजरिए से भी समझा जाना चाहिए।
याचिका में जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल के रूप में दर्जे और विरोध दर्ज कराने के अधिकार से जुड़े सवाल उठाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से इस मामले में जवाब मांगा है।
केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस का जवाब मिलने के बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि अदालत ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल करने या उसकी मौजूदा व्यवस्था में बदलाव करने का कोई अंतिम आदेश दिया है।
Location : New Delhi
Published : 15 October 2026, 2:27 PM IST
Topics : Central Government Delhi protest rules Delhi Police Jantar Mantar Protest Site Supreme Court News