जहां जरूरत नहीं, वहां से तुरंत हटाई जाए बैरिकेडिंग! CJP प्रदर्शन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के तीखे तेवर, केंद्र से मांगा जवाब

CJP प्रदर्शन के बीच दिल्ली में सुरक्षा प्रतिबंधों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। अदालत ने अनावश्यक बैरिकेडिंग हटाने और आम लोगों की आवाजाही सुचारु रखने को लेकर क्या निर्देश दिए?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 11 October 2026, 2:43 PM IST

New Delhi: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में लागू सुरक्षा आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को विशेष सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने निर्देश दिया कि जहां बैरिकेडिंग की बिल्कुल जरूरत नहीं है, वहां से उसे हटा दिया जाए। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा व्यवस्था के कारण आम लोगों और वकीलों को कोर्ट तक पहुंचने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।

ऑनलाइन बैरिकेडिंग हटाने के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट के आस-पास रखे गए सामान और लोगों की छुट्टी में आ रही समस्याओं का सामान उठाया गया। पीठ ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं, लेकिन न्याय तक पहुंच को रद्द करने का कारण प्रभावित नहीं होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट परिसर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने से संबंधित नोटिस हटाने का भी निर्देश दिया गया है, यदि ऐसा पहले नहीं किया गया हो। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि लोगों को अदालत में आने-जाने को लेकर खतरनाक खतरा न हो।

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मेट्रो और रेल सेवा सामान्य भंडार पर जोर

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में मेट्रो और रेल सेवाओं को सामान्य रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए आवश्यक सेवाओं को नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन बिना किसी प्रावधान के पूरी तरह से बंद नहीं किया जा सकता है।

इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध का लाभ भी उठाएं। कोर्ट ने लोगों की छुट्टियों और सामान्य जनजीवन को प्रभावित करने वाले को चिंता की स्थिति में डाल दिया। न्यायालय का जोर इस बात पर है कि सुरक्षा संबंधी उपाय की आवश्यकता है और होना चाहिए।

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दिल्ली पुलिस केंद्र और सरकार से मांगा जवाब

सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान लगाए गए बर्तनों और अदालत के पहले के उद्घाटन के लिए ले जाने वाले दस्तावेजों को स्थापित किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों को मंगलवार तक उत्तर देना होगा।

अदालत के रखरखाव के बाद सुरक्षा व्यवस्था और आम जनता के बीच संतुलन बनाए रखने की फिर से चर्चा की गई है। मामले में आगे की सुनवाई के दौरान अधिकारियों की कार्रवाई की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

Location :  New Delhi

Published :  11 October 2026, 2:41 PM IST