देश के विभिन्न राज्यों में हुए राज्यसभा चुनावों में एनडीए को बड़ी बढ़त मिली है। बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों में से 8 पर एनडीए समर्थित उम्मीदवार जीते। ओडिशा में क्रॉस वोटिंग की चर्चा रही, जबकि हरियाणा में मुकाबला बेहद करीबी रहा। कई राज्यों में उम्मीदवार निर्विरोध भी चुने गए।

राज्यसभा चुनाव (img source: Google)
New Delhi: देश के कई राज्यों में हुए राज्यसभा चुनावों में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने मजबूत प्रदर्शन किया है। सोमवार देर रात घोषित परिणामों के अनुसार बिहार, ओडिशा और हरियाणा में हुए चुनावों की 11 सीटों में से 8 पर NDA समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। वहीं ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD) को एक सीट मिली, जबकि हरियाणा में मुकाबला बेहद करीबी रहा।
दरअसल इस बार कुल 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई थी। हालांकि अधिकांश सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे। इसलिए मतदान केवल बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों पर ही कराया गया।
बिहार में हुए राज्यसभा चुनाव में कई प्रमुख नेताओं ने जीत हासिल की। राज्य के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन राज्यसभा के लिए चुने गए। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी दोबारा राज्यसभा पहुंचे।
भारतीय जनता पार्टी के शिवेश कुमार पहली बार राज्यसभा के सदस्य बने हैं। वहीं मौजूदा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया कि उन्हें एआईएमआईएम के पांच विधायकों और बहुजन समाज पार्टी के एक विधायक का समर्थन मिला था।
ओडिशा में चार सीटों के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में थे, जिससे मुकाबला रोचक हो गया था। चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग की खबरें भी सामने आईं। इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी को तीन सीटों पर सफलता मिली। बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय को भी कई विधायकों का समर्थन मिला।
रिपोर्ट्स के मुताबिक तीन कांग्रेस और दो बीजेडी विधायकों ने उनके पक्ष में मतदान किया। चुनाव में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल, मौजूदा सांसद सुजीत कुमार, बीजेडी के संत्रुत मिश्रा और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय विजयी रहे।
हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। मतदान के बाद वोटों की गिनती में देरी हुई क्योंकि बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने मतदान की गोपनीयता के उल्लंघन का आरोप लगाया। आखिरकार देर रात घोषित नतीजों में बीजेपी के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौध विजेता घोषित हुए। कांग्रेस उम्मीदवार करमवीर सिंह बौध ने बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को मात्र तीन वोटों से हराया।
देश के कई राज्यों में उम्मीदवार बिना मुकाबले के ही राज्यसभा के लिए चुने गए। महाराष्ट्र में सातों उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जिनमें छह महायुति गठबंधन और एक महा विकास अघाड़ी से थे। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के चार उम्मीदवार और बीजेपी नेता राहुल सिन्हा निर्विरोध चुने गए।
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वहीं तेलंगाना में कांग्रेस के अभिषेक सिंहवी और वेम नरेंद्र रेड्डी बिना मुकाबले के राज्यसभा पहुंचे। तमिलनाडु में छह उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जबकि हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस के अनुराग शर्मा राज्यसभा सदस्य बने। राज्यसभा चुनाव के इन नतीजों को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे संसद के उच्च सदन में दलों की ताकत का संतुलन प्रभावित हो सकता है।