राजस्थान निकाय चुनाव में किसका बढ़ा कद, किसका घटा असर? गहलोत-पायलट से बेनीवाल-भजनलाल तक जानिए गेनर-लूजर

राजस्थान के 309 नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने प्रदेश की सियासत में नए समीकरण खड़े कर दिए हैं। सचिन पायलट और हनुमान बेनीवाल को बड़ा फायदा मिलता दिखा, जबकि गजेंद्र सिंह शेखावत और अशोक गहलोत के प्रभाव क्षेत्रों में चुनौती सामने आई। भजनलाल शर्मा और दिया कुमारी ने अपनी साख बचाई।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 15 September 2026, 12:41 PM IST

Jaipur: राजस्थान में 309 नगर निकायों के चुनाव नतीजों ने प्रदेश की सियासत में कई बड़े संकेत दिए हैं। शहरी निकायों को बीजेपी का मजबूत आधार माना जाता रहा है, लेकिन इस बार कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों ने कई जगहों पर समीकरण बदल दिए। नतीजों के बाद प्रदेश के दिग्गज नेताओं के राजनीतिक प्रदर्शन का भी आकलन शुरू हो गया है। कहीं नेताओं का कद बढ़ा है तो कहीं अपने ही प्रभाव वाले इलाकों में झटका लगा है।

सचिन पायलट सबसे बड़े गेनर?

कांग्रेस नेता सचिन पायलट इस चुनाव में बड़े गेनर के तौर पर उभरे हैं। उनके प्रभाव वाले इलाकों में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन ने पार्टी के भीतर उनके राजनीतिक कद को मजबूत किया है। खासतौर पर बीजेपी के शहरी प्रभाव को चुनौती देने वाले नतीजों ने पायलट की रणनीति और जनाधार को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

हनुमान बेनीवाल की बढ़ी पकड़

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी यानी RLP के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के लिए भी चुनाव परिणाम अहम रहे। उन्होंने अपने मजबूत इलाकों में पकड़ बनाए रखने के साथ जोधपुर और मारवाड़ क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इससे तीसरे मोर्चे के तौर पर RLP की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक चर्चा बढ़ी है।

दिया कुमारी और भजनलाल ने बचाई साख

बीजेपी की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी भी अपने प्रभाव वाले जयपुर क्षेत्र में पार्टी के प्रदर्शन के चलते अपनी राजनीतिक साख बचाने में सफल रहीं। वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए भी अपने प्रभाव वाले जयपुर नगर निगम क्षेत्र में बीजेपी की जीत राहत देने वाली रही।

हालांकि राज्य के दूसरे हिस्सों में पार्टी को बागी उम्मीदवारों और स्थानीय असंतोष का सामना करना पड़ा, लेकिन अपने मजबूत क्षेत्रों में जीत ने दोनों नेताओं को राहत दी है।

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गजेंद्र सिंह शेखावत को बड़ा झटका

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के लिए नतीजे चुनौतीपूर्ण रहे। उनके प्रभाव वाले जोधपुर नगर निगम में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस ने बढ़त बनाई। अपने प्रभाव क्षेत्र में पार्टी की हार ने शेखावत के राजनीतिक प्रदर्शन पर सवाल खड़े किए हैं।

गहलोत के गढ़ में बेनीवाल की एंट्री

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए भी ये नतीजे पूरी तरह राहत देने वाले नहीं रहे। मारवाड़ और जोधपुर क्षेत्र में हनुमान बेनीवाल की मजबूत मौजूदगी और स्थानीय बागियों के प्रभाव ने गहलोत के पारंपरिक राजनीतिक प्रभाव को चुनौती दी है। वहीं कांग्रेस के भीतर पायलट खेमे के प्रदर्शन ने भी दोनों नेताओं की सियासी स्थिति की तुलना को हवा दी है।

बीजेपी के बागी बने असली गेमचेंजर

निकाय चुनाव में बीजेपी के भीतर बगावत भी बड़ा मुद्दा बनकर सामने आई। कई जगह पार्टी से अलग होकर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों ने जीत हासिल की और अब निर्दलीय के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। ऐसे में कई निकायों में बोर्ड गठन के लिए इन्हीं बागियों का समर्थन निर्णायक हो सकता है।

Location :  Jaipur

Published :  15 September 2026, 12:41 PM IST