
मुख्यमंत्री भगवंत मान (Img: Google)
Chandigarh: पंजाब की राजनीति इन दिनों उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए दिल्ली रवाना हो चुके हैं। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब आम आदमी पार्टी (आप) के कई राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद सियासी माहौल बेहद गरमाया हुआ है।
मुख्यमंत्री अपने विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचे हैं और बागी सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के सामने पक्ष रखने की तैयारी में हैं।
दूसरी ओर, पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सांसद भी अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, ये नेता राष्ट्रपति से मुलाकात कर पंजाब सरकार की कार्रवाई को चुनौती देंगे। उनका दावा है कि उन्होंने नियमों के तहत ही पार्टी छोड़ी है और इस पर कोई भी सख्त कदम उचित नहीं होगा।
Bihar Cabinet Expansion: चौधरी मंत्रिमंडल विस्तार 7 अप्रैल को, युवाओं को मिल सकता मौका
24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। इस फैसले ने न सिर्फ पार्टी को झटका दिया, बल्कि राज्य की राजनीति में भी बड़ा बदलाव ला दिया। इन नेताओं में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिन्होंने इसे सामूहिक निर्णय बताया था। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जगह-जगह नारेबाजी और प्रदर्शन देखने को मिले, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
केरल का ‘किला’ भी ढहा! भारत में खत्म हुआ वामपंथी राज, अब आगे क्या?
यही नहीं कुछ बागी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई भी सामने आई, जिसमें भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस की सक्रियता और प्रशासनिक कदमों ने इस मामले को और संवेदनशील बना दिया है। इसी बीच, विधानसभा में सरकार ने फ्लोर टेस्ट पास कर अपनी स्थिति मजबूत होने का दावा भी किया। हालांकि विपक्ष ने इस प्रक्रिया का बहिष्कार किया, जिससे राजनीतिक बहस और तेज हो गई।
Location : Chandigarh
Published : 5 May 2026, 10:53 AM IST