भारत में विमान और हेलिकॉप्टर हादसों ने समय-समय पर देश को गहरे शोक में डुबोया है। अजीत पवार, बलवंतराय मेहता से लेकर सीडीएस बिपिन रावत, संजय गांधी, माधवराव सिंधिया और विजय रुपाणी तक कई दिग्गज नेताओं की जान इन दुर्घटनाओं में गई।

इन दिग्गजों की विमान और सड़क हादसों में हुई मौत
New Delhi: महाराष्ट्र के बारामती में आज बुधवार को एक भीषण विमान हादसे ने देशभर में शोक की लहर फैला दी है। इस हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि वो किसी चुनावी बैठक में शामिल होने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। इस दौरान विमान में कुल 5 लोग मौजूद थे, सभी की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है।
भारत में विमान और हेलिकॉप्टर हादसे सिर्फ तकनीकी दुर्घटनाएं नहीं रहे, बल्कि कई बार इन्होंने देश की राजनीति, प्रशासन और सुरक्षा तंत्र को गहरा झटका दिया है। बीते दशकों में ऐसे कई हादसे हुए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, लोकसभा अध्यक्ष और सेना के सर्वोच्च अधिकारी तक अपनी जान गंवा चुके हैं। आईये जानते हैं ऐसी ही बड़ी घटनाओं के बारे में।
12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान उड़ान भरने के कुछ समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यात्रियों की सूची में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी शामिल थे। रुपाणी अपने परिवार से मिलने जा रहे थे। इस हादसे ने एक बार फिर वीवीआईपी यात्राओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए।
8 दिसंबर 2021 भारतीय सैन्य इतिहास का सबसे दुखद दिन माना जाता है। भारतीय वायुसेना का MI-17 V5 हेलिकॉप्टर तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस से वेलिंगटन जा रहा था। इसमें देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 12 अन्य सैन्य अधिकारी सवार थे।
सीडीएस बिपिन रावत की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई थी मौत (Img: Google)
कुछ ही देर बाद हेलिकॉप्टर पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में बिपिन रावत सहित 13 लोगों की मौत हो गई। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह कुछ समय तक जीवित बचे, लेकिन बाद में उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया।
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गुजरात के दूसरे मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता 1963 से 1965 तक इस पद पर रहे। 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान वे कच्छ के रण में हालात का निरीक्षण करने के लिए विमान से जा रहे थे। इसी दौरान पाकिस्तानी वायुसेना ने उनके विमान को मार गिराया। इस हादसे में बलवंतराय मेहता, उनकी पत्नी, तीन सरकारी कर्मचारी, एक पत्रकार और दो क्रू मेंबर की मृत्यु हो गई। यह स्वतंत्र भारत का पहला ऐसा मामला था, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया।।
23 जून 1980 को कांग्रेस सांसद संजय गांधी एक छोटे विमान से उड़ान भर रहे थे। उन्हें खुद विमान उड़ाने का शौक था। दिल्ली में करतब दिखाने के दौरान उनका विमान अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया।
इस हादसे में संजय गांधी और उनके सहयात्री सुभाष सक्सेना की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना उस दौर की राजनीति के लिए एक बड़ा झटका थी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माधवराव सिंधिया 30 सितंबर 2001 को कानपुर में एक चुनावी रैली में शामिल होने जा रहे थे। मैनपुरी जिले के पास उनका छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। 56 वर्षीय सिंधिया की इस हादसे में मौत हो गई। उनकी मृत्यु को भारतीय राजनीति की अपूरणीय क्षति माना गया।
गंती मोहना चंद्र बालयोगी देश के ऐसे पहले लोकसभा अध्यक्ष थे, जिनकी मृत्यु पद पर रहते हुए हुई। 2002 में आंध्र प्रदेश में एक कार्यक्रम के दौरान उनका हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में बालयोगी, उनके सुरक्षा अधिकारी और पायलट की मौके पर ही मौत हो गई।
सितंबर 2009 में आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी नल्लामाला के जंगलों से गुजर रहे थे। तभी उनका हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हालांकि कई अटकलें लगीं कि यह नक्सली हमला हो सकता है, लेकिन आधिकारिक जांच में इसे तकनीकी और मौसम संबंधी दुर्घटना बताया गया।
2011 में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री डोरजी खांडू तवांग से इटानगर जा रहे थे। उनका विमान खराब मौसम में लापता हो गया और बाद में क्रैश पाया गया। 56 साल की उम्र में उनकी मौत ने पूर्वोत्तर भारत को गहरे शोक में डाल दिया।
17 अप्रैल 2004 को अभिनेत्री सौंदर्या चुनाव प्रचार के सिलसिले में करीमनगर जा रही थीं। वे भाजपा और तेलुगु देशम पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में यात्रा पर थीं। बेंगलुरु के जक्कुर एयरफील्ड से सुबह करीब 11:05 बजे चार सीटों वाला निजी विमान उड़ा, लेकिन टेकऑफ के तुरंत बाद लगभग 100 फीट की ऊंचाई पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सौंदर्या, उनके भाई अमरनाथ, हिंदू जागरण समिति के सचिव रमेश कदम और पायलट जॉय फिलिप सवार थे। हादसे में सभी की जान चली गई।
के. एस. सौम्या सत्यनारायण (Img: Google)
भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक डॉ. होमी जहांगीर भाभा का निधन 24 जनवरी 1966 को एक भीषण विमान दुर्घटना में हो गया था। वे एयर इंडिया की फ्लाइट 101 से वियना जा रहे थे। उस समय मुंबई से वियना की सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं थी, इसलिए यात्रियों को जिनेवा में विमान बदलना पड़ता था। भाभा ने पहले एक दिन पहले की फ्लाइट बुक कराई थी, लेकिन यात्रा किसी कारण से टाल दी गई थी।
24 जनवरी की सुबह एयर इंडिया का बोइंग 707 विमान ‘कंचनजंघा’ उड़ान पर था। यह विमान दिल्ली, बेरूत और जिनेवा होते हुए लंदन जा रहा था। सुबह करीब 7 बजकर 2 मिनट पर, खराब मौसम के बीच यह विमान लगभग 4,800 मीटर की ऊंचाई पर फ्रांस की मॉन्ट ब्लांक पहाड़ियों से टकरा गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी 106 यात्री और 11 क्रू मेंबरों की मौत हो गई। यह दुर्घटना उसी क्षेत्र में हुई, जहां 1950 में एयर इंडिया का ‘मलाबार प्रिंसेस’ विमान भी क्रैश हुआ था।
पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहन कुमारमंगलम का 31 मई 1973 को एक विमान हादसे में निधन हो गया। वे इंदिरा गांधी मंत्रिमंडल में इस्पात और खान विभाग संभाल रहे थे और वामपंथी विचारधारा से कांग्रेस में आए प्रभावशाली नेता थे। चेन्नई से दिल्ली आ रही इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट 440 पालम हवाई अड्डे पर उतरते समय खराब मौसम और धूल भरी आंधी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विमान बिजली की तारों से टकराकर जल उठा। इसमें सवार 65 यात्रियों में से 48 की मौत हो गई।