संसद के शीतकालीन सत्र में चुनाव सुधारों को लेकर तीखी बहस छिड़ी है। विपक्ष ने SIR और वोट चोरी के मुद्दों पर सरकार को घेरा है। आज कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इन आरोपों पर सरकार का पक्ष रखते हुए लोकसभा में विस्तृत जवाब देंगे।

संसद में चुनाव सुधारों पर आज निर्णायक बहस (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
असदुद्दीन ओवैसी ने SIR पर चर्चा के दौरान चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि संसद के नियम और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की गई। उन्होंने दावा किया कि 35 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम पब्लिक डोमेन में डाले बिना काट दिए गए। ओवैसी ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे SIR का विरोध करते हैं।
बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसद हर दिन हंगामा मचाते हैं। कंगना ने राहुल गांधी द्वारा विदेशी महिला की फोटो दिखाने पर संसद से माफी मांगी। उनका कहना था कि ईवीएम हैक की बातें करने वाले भूल जाते हैं कि प्रधानमंत्री दिलों को हैक करते हैं।
शिअद सांसद हरसिमरत कौर बादल ने चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक इसे नीचे से ऊपर तक साफ नहीं किया जाता, तब तक यह एक मज़ाक बन चुकी है। उन्होंने पंजाब में सरकार के "चोरी" होने का आरोप लगाते हुए लोकतंत्र की स्वतंत्रता पर चिंता जताई।
लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान पप्पू यादव ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जो लोग बाहर थे, उनका नाम किस आधार पर काटा गया? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और पदाधिकारियों ने मिलकर जानबूझकर वोट काटे, जिससे वे हर बार चुनाव हार जाते हैं।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दावा किया कि आजादी की लड़ाई में सांप्रदायिकता को कांग्रेस ने नहीं, बल्कि RSS ने हवा दी थी और इस पर स्पष्ट टिप्पणी की।
संसद के शीतकालीन सत्र में कंगना रनौत ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वे ईवीएम को नहीं, बल्कि लोगों के दिलों को हैक करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष ने सदन की कार्यवाही में बाधा डाली और कामकाज रोकने की कोशिश की।
कंगना रनौत ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष ने एक ब्राजीलियन महिला की तस्वीर का गलत तरीके से इस्तेमाल किया और उसका अपमान किया। कंगना ने सदन की तरफ से उस महिला से माफी मांगी और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने नियमों का उल्लंघन किया और चुनाव प्रचार के दौरान महिला की तस्वीर का गलत तरीके से प्रदर्शन किया।
लोकसभा में एसआईआर पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने घुसपैठ को देश की पुरानी समस्या बताया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी और लालू यादव भी पहले घुसपैठियों पर सवाल उठा चुके हैं। अनुप्रिया ने कहा कि घुसपैठियों का मतदाता बनना लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने साफ कहा कि देश के किसी भी कोने में अवैध मतदाता है, तो उसका नाम तुरंत काटा जाना चाहिए।
नागिना से निर्दलीय सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने लोकसभा में चुनाव सुधार पर बहस करते हुए चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने ईवीएम पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर वोटों की चोरी होती है, तो यह लोकतंत्र के खिलाफ अपराध है। आजाद ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराते हुए सवाल किया कि जब तकनीकी बाधाएं नहीं हैं, तो फिर ईवीएम पर जोर क्यों?
चंद्रशेखर आजाद ने चुनाव आयोग की दलील पर तंज कसते हुए कहा कि यदि 7 चरणों में चुनाव कराए जा सकते हैं, तो एक दिन और इंतजार करने में क्या फर्क पड़ेगा? उन्होंने कहा कि लोगों के दिलों में शंका गहरी हो रही है, इस कारण बैलेट पेपर की मांग तेज हो रही है।
लोकसभा में चुनाव सुधार पर जारी बहस में भाजपा सांसद कंगना ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधा। कंगना ने कहा कि सोनिया गांधी ने 1983 में भारत की नागरिकता प्राप्त करने से पहले देश की मतदाता बन गई थीं। इस बयान के बाद राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान सपा सांसद डिंपल यादव ने चुनाव प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश उपचुनाव में भारी धांधली हुई और पुलिसकर्मियों ने सादी वर्दी में फर्जी वोट डाले। डिंपल ने ईवीएम पर आपत्ति जताते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग रखी। सदन में उनके बयान के बाद चुनाव प्रक्रिया पर बहस तेज होने की संभावना बढ़ गई है।
बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने लोकसभा में राहुल गांधी के विदेश दौरे पर टिप्पणी की। सूर्या ने कहा कि राहुल गांधी अनिवासी भारतीय राजनीतिज्ञ हैं और अधिकतर समय विदेश में ही रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका मन हमेशा विदेश में रहता है, जबकि राजनीति में उनका होना केवल मजबूरी है।
केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बिहार चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि इतनी धूमधाम के बावजूद पार्टी को केवल पांच सीटें ही मिलीं। प्रसाद ने मजाकिया अंदाज में पूछा, "ओवैसी जी कहां हैं?" और कहा कि बिहार में ओवैसी की स्थिति कांग्रेस के बराबर है। उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के बयान पर केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने तंज करते हुए कहा, "विपक्ष के भाषण में तल्खी बहुत है। इसका कारण क्या है? जब जनता वोट नहीं देती, तो वे आरोप लगाते हैं कि चुनाव में गड़बड़ी है। जब जनता वोट नहीं देती, तो हम क्या करें?"
दिल्ली में बीजेपी सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "वह न तो विपक्ष के नेता के रूप में जिम्मेदार हैं, न ही देश के एक अच्छे नेता के रूप में।" यह बयान राहुल गांधी की विदेश यात्रा के बाद आया है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने राहुल गांधी की जर्मनी यात्रा पर बीजेपी के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने लोकसभा में कहा कि पीएम मोदी अपने आधे समय से अधिक विदेशों में बिताते हैं। ऐसे में वह विपक्षी नेता के विदेश दौरे पर सवाल क्यों उठा रहे हैं। प्रियंका का यह बयान राजनीतिक चर्चा में गर्मी बढ़ा रहा है।
बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने लोकसभा में राहुल गांधी के विदेश दौरे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष का गायब होना चिंता का विषय है। खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सदन को गंभीर स्थान न मानकर इसे पिकनिक की तरह इस्तेमाल करते हैं।
बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विदेश दौरे पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है कि सदन चल रहा होता है और राहुल गांधी विदेश यात्रा पर होते हैं। खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि यह साबित करता है कि नेता प्रतिपक्ष होने के बावजूद उनकी आस्था न तो सदन में है और न ही लोकतंत्र में। सांसद ने कहा कि राहुल गांधी सदन को “पिकनिक स्थान” मानते हैं, जहां वे आकर पिकनिक मनाते हैं और चले जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सदन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होनी थी, लेकिन राहुल गांधी देश से गायब रहेंगे। खंडेलवाल के अनुसार, यह रवैया निश्चित रूप से उन पर सवालिया निशान खड़ा करता है और उनकी जिम्मेदारी पर उठता है सवाल।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों ने संसद में पश्चिम बंगाल को मिलने वाले केंद्रीय फंड के बंटवारे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। सांसदों का आरोप था कि राज्य को उसके हिस्से का फंड समय पर और उचित मात्रा में नहीं मिल रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने उच्च स्तर पर अपनी नाराजगी जाहिर की और केंद्र से स्पष्ट जवाब मांगा।
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने लोकसभा में प्रधानमंत्री और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में वंदे मातरम, प्रदूषण और चुनाव सुधार जैसे गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर डर दिखा रहे हैं। रंजन ने कहा कि हर नेता प्रतिपक्ष अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा करता रहा है, लेकिन पीएम और बीजेपी इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं। सांसद ने पूछा कि आखिर राहुल गांधी से इतना डर क्यों, जो युवाओं के रोजगार और सरकार की उपलब्धियों पर सवाल उठाते हैं।
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार सुबह तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने पश्चिम बंगाल को मिलने वाली केंद्रीय निधि में कटौती के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सांसदों ने राज्य के अधिकार और आर्थिक हितों की रक्षा की मांग की।
लोकसभा में भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जर्मनी यात्रा पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी में कोई दम या किरदार की ताकत नहीं है और ऐसे लोगों पर टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है। कंगना ने इस टिप्पणी के जरिए कांग्रेस की वर्तमान स्थिति और नेतृत्व पर भी कटाक्ष किया। उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा में आया है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में स्वतंत्रता सेनानी सी. राजगोपालाचारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सांसद और कर्मचारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद किया। सी. राजगोपालाचारी की जीवन यात्रा और उनके नेतृत्व को संसद में सम्मानित किया गया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवालों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने राहुल के बयान का समर्थन करते हुए आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लाखों डुप्लिकेट वोटों के मामले पूरे देश में चिंता का विषय बन चुके हैं। भूपेश बघेल ने इसे मतदाताओं के अधिकारों की चोरी और लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया।
राहुल गांधी द्वारा लोकसभा में उठाए गए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल अब राजनीतिक हलकों में तेजी से गूंज रहे हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राहुल के बयान का समर्थन करते हुए चुनाव आयोग की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लाखों डुप्लिकेट वोटों का सवाल अब पूरे देश की चिंता बन चुका है। बघेल के अनुसार यह सिर्फ मतदाताओं के अधिकारों की चोरी नहीं बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सीधा हमला है।
समाजवादी पार्टी नेता रामगोपाल यादव ने संसद में चुनाव सुधार को लेकर चर्चा पर कहा, SIR से जुड़ी गड़बड़ियों के लिए स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार है और कहा कि वास्तविक हस्तक्षेप जिला स्तर पर होता है। रामगोपाल ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी राजनीतिक प्रभाव में काम करते हैं और मतदाता सूची में मनमानी करते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को सुधारों का मुख्य आधार बताया।
संसद के शीतकालीन सत्र का आज आठवां दिन राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल लोकसभा में चुनाव सुधारों पर सरकार का विस्तृत पक्ष रखेंगे। विपक्ष कई सवालों और आरोपों के साथ सदन में सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में मंत्री का जवाब चुनाव सुधार बहस की दिशा और माहौल दोनों तय कर सकता है।
New Delhi: संसद के शीतकालीन सत्र का बुधवार को आठवां दिन है और आज लोकसभा में चुनाव सुधारों को लेकर महत्वपूर्ण बहस होनी है। मंगलवार को लोकसभा में चुनाव सुधार विधेयक और संबंधित मुद्दों पर तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला था। विपक्ष ने सरकार पर पारदर्शिता और स्वतंत्र संस्थानों पर दबाव डालने के आरोप लगाए, वहीं सत्ता पक्ष ने कहा कि चुनाव सुधार देश की लोकतांत्रिक प्रणाली को और मजबूत बनाएंगे।
आज केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सदन में सरकार की ओर से चुनाव सुधारों पर विस्तृत जवाब देंगे। यह बहस इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि विपक्ष ने पिछले दो दिनों से लगातार SIR (Security and Integrity of Register) और वोट चोरी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा है। ऐसे में मंत्री का जवाब राजनीतिक रूप से भी अहम रहेगा।
लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने लगातार SIR से जुड़े प्रावधानों को लेकर चिंता जताई है। विपक्ष के नेताओं का कहना है कि SIR से चुनाव प्रक्रिया पर सरकार का अनुचित प्रभाव बढ़ सकता है और स्वतंत्र संस्थाओं का स्वायत्त ढांचा कमजोर हो सकता है। पल-पल के अपडेट के लिए पढ़ते रहें डाइनामाइट न्यूज़...