साल 2026 के पद्म पुरस्कार में 131 हस्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें 48 सुपर सीनियर सिटीजन और 10 ऐसे जिले शामिल हैं, जिन्हें आजादी के बाद पहली बार पद्म पुरस्कार मिला। पुरस्कार विजेताओं का चयन 30 राज्यों और 84 जिलों से किया गया।

पद्म पुरस्कार (Img: Google)
New Delhi: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने साल 2026 के लिए पद्म पुरस्कार विजेताओं की घोषणा की। इस साल कुल 131 हस्तियों को पद्म सम्मान देने की मंजूरी दी गई है। इसमें 5 को पद्म विभूषण, 13 को पद्म भूषण और 113 को पद्मश्री से नवाजा गया। सरकार ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सटीक रही।
इस वर्ष पद्म पुरस्कार विजेताओं में 48 लोग 80 वर्ष से अधिक उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन हैं। इनमें 13 ऐसे हैं, जिन्होंने 90 वर्ष की उम्र पार कर ली है। यह दिखाता है कि उम्र कभी भी उत्कृष्टता और योगदान की राह में बाधा नहीं बन सकती।
इस बार 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 84 जिलों से पुरस्कार विजेताओं का चयन किया गया। इनमें 10 ऐसे जिले हैं, जिन्हें आजादी के बाद पहली बार कोई पद्म पुरस्कार मिला। ये जिले हैं- मांड्या, बैतुल, परभणी, बागेश्वर, रंगारेड्डी और दक्षिण दिनाजपुर। इन जिलों के लोगों की मेहनत और कला को पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है।
सरकार ने बड़े शहरों के अलावा देश के भीतरी इलाकों से भी प्रतिभाओं को चुना। अलाप्पुझा, भोजपुर, कछार, दार्जिलिंग, गोलपारा, इंफाल, जूनागढ़, कृष्णा, मोकोकचुंग, नुआपाड़ा, पूर्व बर्धमान और श्रीगंगानगर जैसे जिलों से भी अनसंग हीरो और अनाम नायकों को सम्मानित किया जाएगा। ये लोग अपने जीवन को सेवा और देशभक्ति के लिए समर्पित कर मिसाल बने हैं।
सरकार ने पद्म पुरस्कार वितरण में राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर फैसले लिए। इस बार कम्युनिस्ट दिग्गज वी.एस. अच्युतानंदन को पद्म विभूषण और आदिवासी नेता शिबू सोरेन को पद्म भूषण से नवाजा गया। पिछले 12 वर्षों में 18 से अधिक राजनीतिक दलों और 22 राज्यों के नेताओं को यह सम्मान मिल चुका है।
उत्तर-पूर्व के आठ राज्यों को मिले कुल पद्म पुरस्कारों का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पिछले 12 वर्षों में दिया गया। इसका उद्देश्य वहां की भाषा, संस्कृति, कला और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
स्वदेशी तकनीकों के विकास में योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया गया। जिन लोगों ने मिसाइल, प्रोपल्शन सिस्टम, माइक्रोप्रोसेसर और विमानन मौसम प्रणालियों में उत्कृष्ट कार्य किया, उन्हें पद्म पुरस्कार मिला। साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र के डॉक्टरों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने पोलियो, कालाजार, टीबी, हीमोफीलिया और नवजात देखभाल जैसी चुनौतियों से लड़ते हुए आम जनता की सेवा में जीवन समर्पित किया।