
NSUI image (google credit)
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग अब सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गई है। दिल्ली में छात्र राजनीति से जुड़ा विरोध एक बार फिर सड़क पर दिखाई दिया, जब कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने ‘उंगली तो उठेगी-हल्लाबोल मार्च’ निकालकर चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल खड़े किए। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने की अपील की।
चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप, NSUI ने उठाए सवाल
NSUI का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली निष्पक्षता से जुड़े सवाल खड़े कर रही है। विनोद जाखड़ ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आयोग बीजेपी के पक्ष में काम कर रहा है। संगठन ने इस आरोप के आधार पर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। हालांकि, ये NSUI और उसके नेताओं के आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति क्यों है अहम?
इस पूरे विवाद का एक अहम पहलू जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति भी है। NSUI का कहना है कि उसे वहां विरोध दर्ज कराने का अवसर मिलना चाहिए। संगठन ने सवाल उठाया है कि अगर किसी फैसले या संस्था के कामकाज को लेकर असहमति है, तो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की जगह क्यों सीमित होनी चाहिए?
यह मुद्दा ऐसे समय उठा है, जब दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अलग-अलग संगठनों के प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई चर्चा में रहे हैं। ऐसे में विरोध प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के बीच संतुलन को लेकर भी बहस तेज हुई है।
सिर्फ इस्तीफा नहीं, चुनावी प्रक्रिया पर जवाबदेही की मांग
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के पीछे चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर उठ रहे सवाल भी व्यापक राजनीतिक बहस का हिस्सा हैं। विरोध करने वाले संगठन चुनाव आयोग से अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगाए गए आरोपों को प्रमाणित निष्कर्ष मानने से पहले संबंधित तथ्यों और आयोग के पक्ष को भी देखना जरूरी है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल NSUI ने अपना विरोध जारी रखने का संकेत दिया है। संगठन की प्रमुख मांगें ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि प्रदर्शन की अनुमति को लेकर क्या फैसला होता है और चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों के जवाब में आगे क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
Location : New Delhi
Published : 18 October 2026, 7:53 PM IST