
कौन बनेगा देश का अगला शिक्षा मंत्री (Source: Pinterest )
New Delhi: NEET-UG परीक्षा में धांधली के आरोपों और जंतर-मंतर पर CJP के उग्र आंदोलन के बाद आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। सोशल मीडिया पर अपना पत्र साझा करते हुए उन्होंने सार्वजनिक जवाबदेही की बात कही।
भारतीय राजनीति में यह पहला मौका नहीं है जब किसी बड़े विवाद के बाद मंत्री को कुर्सी गंवानी पड़ी हो। साल 2021 में जब कोरोना महामारी की दूसरी लहर में स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठे थे, तब तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को अपना पद छोड़ना पड़ा था। ठीक उसी तर्ज पर, इस बार देश भर के छात्रों और युवाओं के भारी दबाव के आगे सरकार को झुकना पड़ा है। अब बड़ा सवाल यह है कि धर्मेंद्र प्रधान के जाने के बाद यह जिम्मेदारी किसे मिलेगी और खुद प्रधान का आगे का राजनीतिक सफर क्या होगा?
धर्मेंद्र प्रधान को भारतीय जनता पार्टी के सबसे कुशल रणनीतिकारों में गिना जाता है। ओडिशा में पार्टी को मजबूती देने और हालिया चुनावों में मिली बड़ी सफलता में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। भले ही नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया हो, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन में उनका कद कम नहीं होगा। उन्हें जल्द ही भाजपा संगठन में कोई बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
देश के अगले शिक्षा मंत्री का चयन पीएम नरेंद्र मोदी के लिए एक बड़ी चुनौती है। एक नया शिक्षा मंत्री चुनते समय सरकार मुख्य रूप से सख्त छवि और प्रशासनिक अनुभव, तकनीकी और शैक्षणिक समझ और संकट प्रबंधन (Crisis Management) को देखती है। नया मंत्री ऐसा होना चाहिए जिसकी छवि साफ-सुथरी हो और जो नौकरशाही पर मजबूत पकड़ रख सके। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और NTA जैसे संस्थानों के पुनर्गठन के लिए आधुनिक तकनीक और शिक्षा नीति की समझ जरूरी है।छात्रों और विपक्षी दलों के विरोध को शांत करने की राजनीतिक कला होना अनिवार्य है। फिलहाल पीएम नरेंद्र मोदी किसी कैबिनेट मंत्री और भरोसे मंद मंत्री को शिक्षा मंत्रालय (HRD) को अतिरिक्त जिम्मेदारी दे सकते हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सरकार किसी ऐसे वरिष्ठ नेता को कमान सौंप सकती है जिसके पास प्रशासनिक सुधारों का लंबा अनुभव हो। इस रेस में कई बड़े मंत्रियों के नाम हवा में तैर रहे हैं। संभावना यह भी जताई जा रही है कि जब तक नए नाम का ऐलान नहीं होता, तब तक किसी कैबिनेट सहयोगी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा जा सकता है।
Location : New Delhi
Published : 25 July 2026, 3:36 PM IST