Maitri Setu: उद्घाटन के बाद भी नहीं बन सका भारत-बांग्लादेश की दोस्ती का पुल, कनेक्टिविटी पर बड़ा सवाल

Maitri Setu भारत और बांग्लादेश के बीच क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए अहम परियोजना है। 2021 में उद्घाटन के बावजूद इसके पूरी तरह चालू होने में देरी की खबरें सामने आई हैं। जापान का मातारबारी बंदरगाह प्रोजेक्ट पूर्वोत्तर भारत, बांग्लादेश और पड़ोसी देशों के व्यापारिक संपर्क को मजबूत करने की क्षमता रखता है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 20 October 2026, 11:39 AM IST
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New Delhi: भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार और संपर्क बढ़ाने की उम्मीदों के साथ बनाया गया Maitri Setu अब भी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की चर्चा के केंद्र में है। फेनी नदी पर बना यह पुल भारत के त्रिपुरा को बांग्लादेश से जोड़ता है। वर्ष 2021 में उद्घाटन के बावजूद इसके पूरी तरह चालू होने में देरी की खबरें सामने आई हैं। भारत-बांग्लादेश संबंधों में आए बदलाव को भी इस परियोजना से जुड़ी चुनौतियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।

त्रिपुरा से बांग्लादेश तक सीधा संपर्क

Maitri Setu करीब 1.9 किलोमीटर लंबा पुल है। यह भारत के त्रिपुरा स्थित सबरूम को बांग्लादेश के रामगढ़ से जोड़ता है। इसका उद्घाटन 9 मार्च 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना ने किया था।

इस पुल से पूर्वोत्तर भारत और बांग्लादेश के चटगांव क्षेत्र के बीच आवागमन तथा व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद थी। इसके जरिए भारत को बंगाल की खाड़ी के बंदरगाहों तक बेहतर पहुंच मिलने की संभावना भी जताई गई थी।

मातारबारी बंदरगाह से जापान को बड़ी उम्मीद

जापान बांग्लादेश में मातारबारी गहरे समुद्र वाले बंदरगाह के विकास में सहयोग कर रहा है। इस परियोजना को पूर्वोत्तर भारत और बंगाल की खाड़ी के बीच औद्योगिक तथा व्यापारिक संपर्क मजबूत करने की व्यापक योजना का हिस्सा माना जा रहा है।

जापानी अधिकारियों के मुताबिक, बंदरगाह के आसपास औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियां बढ़ने से बांग्लादेश क्षेत्रीय औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। इससे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा नेपाल, भूटान और म्यांमार के साथ भी संपर्क बेहतर करने की संभावनाएं हैं।

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भारत-बांग्लादेश संबंधों पर टिकी नजरें

Maitri Setu और मातारबारी बंदरगाह की संभावनाएं काफी हद तक क्षेत्रीय सहयोग और सीमा पार संपर्क व्यवस्था पर निर्भर करती हैं। राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में चुनौतियां सामने आ सकती हैं।

जापान इस क्षेत्र में औद्योगिक मूल्य श्रृंखला विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। हालांकि, पुल को पूरी तरह चालू करने की वर्तमान स्थिति और आगे की समयसीमा की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

आगे क्या होगा?

यदि सीमा पार संपर्क और बंदरगाह से जुड़ी योजनाएं प्रभावी ढंग से आगे बढ़ती हैं, तो पूर्वोत्तर भारत के व्यापार और परिवहन को लाभ मिल सकता है। फिलहाल, Maitri Setu को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसकी पूरी क्षमता का इस्तेमाल कब शुरू होगा।

Location :  New Delhi

Published :  20 October 2026, 11:39 AM IST

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