इटली के तीन यात्रियों के बिना इमीग्रेशन उड़ान भरने से सुरक्षा पर सवाल, गृह मंत्रालय ने बुलाई आपात बैठक

अमृतसर से दिल्ली पहुंचे इटली के तीन यात्री जरूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए बिना म्यूनिख जाने वाली लुफ्थांसा फ्लाइट में सवार हो गए। घटना के बाद गृह मंत्रालय ने वरिष्ठ अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है। मामले में एयर इंडिया को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 15 September 2026, 11:40 AM IST

New Delhi: अमृतसर से दिल्ली पहुंचे तीन इतालवी यात्रियों के बिना जरूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए म्यूनिख जाने वाली लुफ्थांसा की फ्लाइट में सवार हो जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला सामने आने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार शाम संबंधित मंत्रालयों और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है।

गृह सचिव की अध्यक्षता में होगी बैठक

जानकारी के मुताबिक, गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव और अतिरिक्त सचिव, इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के कमिश्नर, एयर इंडिया ग्रुप के प्रमुख और दिल्ली एयरपोर्ट के सीईओ समेत कई संबंधित अधिकारी शामिल होंगे।

बैठक का मुख्य मुद्दा यह पता लगाना है कि आखिर तीन विदेशी यात्री जरूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए बिना इंटरनेशनल फ्लाइट तक कैसे पहुंच गए।

अमृतसर से मिला था दोनों उड़ानों का बोर्डिंग पास

एक अधिकारी के मुताबिक, तीनों यात्रियों को अमृतसर एयरपोर्ट पर दिल्ली जाने वाली फ्लाइट और दिल्ली से म्यूनिख जाने वाली लुफ्थांसा फ्लाइट, दोनों के लिए बोर्डिंग पास जारी किए गए थे। नियमों के मुताबिक दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी थी।

हालांकि, यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर I-to-I यानी इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर के लिए भेज दिया गया। इसके चलते वे जरूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए बिना ही अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ान में सवार हो गए।

घर लौट रहा था महेश, रास्ते में मौत ने रोका रास्ता: तेज रफ्तार वाहन ने कुचला, परिवार में मचा कोहराम

12 सितंबर को एयर इंडिया को मिला था नोटिस

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 12 सितंबर को एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। यह कार्रवाई यात्रियों के साथ हुए व्यवहार को लेकर गृह मंत्रालय की ओर से जताई गई चिंताओं के बाद हुई थी।

बताया गया है कि यह घटना 4 सितंबर की है। अब गृह मंत्रालय की बैठक में पूरे मामले की जिम्मेदारी और प्रक्रिया में हुई चूक की समीक्षा की जाएगी।

हब-एंड-स्पोक मॉडल पर भी उठे सवाल

अमृतसर उन एयरपोर्ट्स में शामिल है जहां सरकार ने हब-एंड-स्पोक मॉडल लागू किया है। इस व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों की इमिग्रेशन प्रक्रिया शुरुआती एयरपोर्ट पर ही पूरी की जाती है और इसके बाद वे निर्धारित हब से अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट लेते हैं।

इस मामले में प्रक्रिया के उलट यात्रियों के बिना इमिग्रेशन के आगे बढ़ने से एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। अब गृह मंत्रालय की बैठक में यह तय किया जाएगा कि चूक कहां हुई और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएं।

Location :  New Delhi

Published :  15 September 2026, 11:40 AM IST