अंतरिक्ष में भारत की नई छलांग, गैलेक्सआई ने बनाया दुनिया का पहला OptoSAR सैटेलाइट

भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को बड़ी उड़ान मिली है। बेंगलुरु आधारित स्टार्टअप गैलेक्सआई का ‘मिशन दृष्टि’ उपग्रह स्पेसएक्स के जरिए सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। यह दुनिया का पहला ऑप्टोएसएआर सैटेलाइट है, जो हर मौसम में हाई-रेजोल्यूशन डेटा देने में सक्षम माना जा रहा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 May 2026, 8:51 PM IST

New Delhi:अंतरिक्ष की दुनिया में भारत ने एक बार फिर ऐसा कदम बढ़ाया है, जिसने वैश्विक टेक्नोलॉजी सेक्टर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कैलिफोर्निया से स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए लॉन्च हुआ ‘मिशन दृष्टि’ सिर्फ एक सैटेलाइट नहीं, बल्कि भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम की ताकत का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप गैलेक्सआई ने ऐसा उपग्रह तैयार किया है, जो पारंपरिक सैटेलाइट सिस्टम से आगे निकलकर पृथ्वी की निगरानी के तरीके को बदल सकता है। यह मिशन भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में नई क्रांति का संकेत माना जा रहा है।

दुनिया का पहला OptoSAR सैटेलाइट

‘मिशन दृष्टि’ को दुनिया का पहला ऑप्टोएसएआर (OptoSAR) सैटेलाइट बताया जा रहा है। इस तकनीक में इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और सिंथेटिक अपर्चर रडार सेंसर को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ा गया है। आम तौर पर दोनों तकनीकों के लिए अलग-अलग उपग्रहों की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अब एक ही सैटेलाइट से दोहरी क्षमता मिलेगी। इससे पृथ्वी की निगरानी पहले से ज्यादा तेज, सटीक और प्रभावी हो सकेगी।

हर मौसम में देगा सटीक तस्वीरें

इस सैटेलाइट की खासियत इसकी दोहरी तकनीक है। इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर साफ मौसम और धूप में हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें लेने में सक्षम है। वहीं सिंथेटिक अपर्चर रडार तकनीक बादल, बारिश और रात के समय भी डेटा जुटा सकती है। इसका मतलब है कि मौसम या रोशनी की बाधा के बिना लगातार निगरानी संभव होगी। यही वजह है कि इसे अगली पीढ़ी का अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट माना जा रहा है।

पीएम मोदी ने बताया बड़ी उपलब्धि

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस मिशन को भारत की अंतरिक्ष यात्रा में अहम उपलब्धि बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह लॉन्च देश के युवाओं की नवाचार क्षमता और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का प्रमाण है। पीएम ने गैलेक्सआई की टीम और संस्थापकों को बधाई देते हुए इसे भारतीय प्रतिभा की बड़ी जीत बताया।

भारत का सबसे बड़ा निजी सैटेलाइट

करीब 190 किलोग्राम वजन वाला यह उपग्रह भारत का अब तक का सबसे बड़ा निजी तौर पर विकसित सैटेलाइट माना जा रहा है। इसमें ऑप्टिकल इमेजिंग और SAR तकनीक का मेल है, जिससे ज्यादा सटीक और विस्तृत डेटा प्राप्त किया जा सकेगा। पहले जहां अलग-अलग मिशनों के लिए कई सैटेलाइट्स की जरूरत पड़ती थी, वहीं अब एक ही प्लेटफॉर्म से बेहतर निगरानी संभव होगी।

IIT मद्रास से निकला स्टार्टअप बना चर्चा का केंद्र

गैलेक्सआई की शुरुआत 2021 में Indian Institute of Technology Madras के इंजीनियरों ने की थी। कंपनी का कहना है कि ‘मिशन दृष्टि’ कई वर्षों की रिसर्च, परीक्षण और टेक्नोलॉजी सुधार का परिणाम है। इस सैटेलाइट का उपयोग रक्षा, कृषि, आपदा प्रबंधन, समुद्री सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग जैसे क्षेत्रों में किया जा सकेगा।

निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

इस मिशन को भारत के तेजी से बढ़ते निजी अंतरिक्ष सेक्टर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। गैलेक्सआई ने New Space India Limited के साथ साझेदारी की है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैटेलाइट डेटा की पहुंच मजबूत होगी। यह लॉन्च भारतीय स्टार्टअप्स के लिए भी प्रेरणा माना जा रहा है।

Location :  New Delhi

Published :  3 May 2026, 8:51 PM IST