दिल्ली में किताबों का काला कारोबार, 20 हजार नकली कॉपी बरामद; जानें क्या है पूरा मामला

दिल्ली पुलिस ने पायरेटेड किताबों के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 67 वर्षीय ज्वाला प्रसाद सोनी को गिरफ्तार किया। 20 हजार से ज्यादा नकली किताबें बरामद हुई हैं और मामले में इंटरस्टेट नेटवर्क की जांच जारी है। रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश जारी है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 25 March 2026, 2:11 PM IST

New Delhi: दिल्ली में किताबों के नाम पर चल रहा एक बड़ा ‘सफेदपोश’ खेल आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। बाहर से सब कुछ वैध दिखाने वाला यह धंधा अंदर ही अंदर करोड़ों के पायरेसी नेटवर्क में बदल चुका था। छापेमारी के दौरान जो सामने आया, उसने हर किसी को चौंका दिया। हजारों की संख्या में नकली किताबें, गुप्त प्रिंटिंग सेटअप और एक 67 साल का आरोपी, जो इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड निकला।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस इंटरस्टेट रैकेट का पर्दाफाश करते हुए ज्वाला प्रसाद सोनी को गिरफ्तार कर लिया है और अब इस मामले की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं।

किताबों की आड़ में चल रहा था बड़ा खेल

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल को 14 मार्च 2026 को एक अहम शिकायत मिली थी। यह शिकायत मशहूर पब्लिशिंग कंपनी पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (Penguin Random House India) की ओर से की गई थी, जिसमें उनकी किताबों की अवैध छपाई और बिक्री की बात कही गई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और जांच शुरू कर दी गई।

हजारों नकली किताबें बरामद

जांच के आधार पर पुलिस ने रोहिणी सेक्टर-16 में छापा मारा। यहां से जो बरामद हुआ, उसने पूरे मामले की गंभीरता को उजागर कर दिया। पुलिस को मौके से 8,593 पायरेटेड किताबें मिलीं, जो पहली नजर में असली जैसी ही लग रही थीं। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। पूछताछ और आगे की जांच में पुलिस को पास के ही एक और ठिकाने की जानकारी मिली। वहां छापा मारने पर 11,544 और नकली किताबें बरामद की गईं। इस तरह कुल बरामदगी 20,137 किताबों तक पहुंच गई, जो इस रैकेट के बड़े पैमाने पर चलने का साफ सबूत है।

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पूछताछ में खुला पूरा नेटवर्क

गिरफ्तारी के बाद आरोपी ज्वाला प्रसाद सोनी ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। वह खुद को छोटे स्तर का व्यापारी बताता रहा, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो धीरे-धीरे सच्चाई सामने आने लगी। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह लंबे समय से पायरेटेड किताबों की छपाई और सप्लाई में शामिल है। उसने यह भी बताया कि इस काम के लिए उसने अलग-अलग जगहों पर ठिकाने बना रखे थे, ताकि पुलिस को शक न हो।

प्रेस से मिली मशीनें और सबूत

जांच के दौरान पुलिस आरोपी को लेकर आनंद पर्वत इंडस्ट्रियल एरिया पहुंची, जहां एक प्रिंटिंग प्रेस में छापा मारा गया। यहां से दो प्रिंटिंग मशीनें, चार पायरेटेड किताबों के नेगेटिव और 12 प्रिंटिंग प्लेट बरामद की गईं। पुलिस के मुताबिक, यही वह जगह थी जहां नकली किताबों की छपाई होती थी। इन मशीनों के जरिए बड़ी संख्या में किताबें तैयार की जाती थीं और फिर उन्हें अलग-अलग राज्यों में सप्लाई किया जाता था।

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पहले भी जुड़ा रहा है आरोपी का नाम

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ज्वाला प्रसाद सोनी पहले भी कॉपीराइट उल्लंघन के मामलों में शामिल रह चुका है। यानी यह उसका पहला अपराध नहीं है, बल्कि वह पहले से ही इस तरह के गैरकानूनी धंधों में सक्रिय रहा है।

इंटरस्टेट नेटवर्क की तलाश जारी

पुलिस का कहना है कि यह रैकेट सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका नेटवर्क दूसरे राज्यों तक फैला हुआ है। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 25 March 2026, 2:11 PM IST