
पाकिस्तान से आए शरणार्थियों को मिली भारतीय नागरिकता (सोर्स- एक्स)
Rajkot: वर्षों के संघर्ष और पाकिस्तान में यातनाएं झेलने के बाद भारत आए 319 शरणार्थियों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। गुजरात के राजकोट में एक भव्य और भावनात्मक समारोह के दौरान इन सभी विस्थापितों को आधिकारिक रूप से भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र सौंपे गए। इस अवसर पर गुजरात के गृह राज्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को सभी लाभार्थियों को नागरिकता प्रमाण पत्र प्रदान किए।
नागरिकता मिलने के बाद शरणार्थियों के चेहरों पर साफ खुशी और सुकून देखा गया। भारत में एक नया और सुरक्षित जीवन मिलने पर उन्होंने राहत की सांस ली है। इन परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से पाकिस्तान में भारी प्रताड़ना और यातनाएं झेल रहे थे, जिसके बाद उन्होंने भारत में शरण ली थी। अब आधिकारिक रूप से भारतीय नागरिक बनने और ठीक दिवाली के त्योहार के समय यह सौगात मिलने से उनकी खुशियां दोगुनी हो गईं हैं। इन शरणार्थियों का मानना है कि यह उनके लिए किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है।
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भारतीय नागरिकता मिलने के बाद इन सभी 319 लोगों के जीवन में एक नया सवेरा हुआ है। अब ये सभी लोग भारतीय मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी), भारतीय पासपोर्ट और देश की अन्य सभी सरकारी सुविधाओं का पूरी तरह से लाभ उठा सकेंगे। इन दस्तावेजों के मिलने से वे समाज में एक स्वतंत्र, सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन व्यतीत करने के योग्य बन गए हैं, जिससे उनकी अनिश्चितता का दौर हमेशा के लिए समाप्त हो गया है।
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समारोह को संबोधित करते हुए गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि ये लोग भले ही आज आधिकारिक रूप से भारत के नागरिक बने हैं, लेकिन वे दिल से हमेशा से भारतीय ही थे। उन्होंने इस दौरान एक हल्का-फुल्का और यादगार बयान देते हुए कहा कि "राजकोट के गरबा पास की कीमत भी पाकिस्तान के पासपोर्ट से ज्यादा है।" उनके इस कथन ने वहां मौजूद लोगों में और अधिक उत्साह भर दिया।
Location : Rajkot
Published : 16 October 2026, 11:47 AM IST