फ्रांसीसी योग ट्रेनर पर चढ़ा ‘इंडिया’ का खुमार: यूरोप लौटकर भी नहीं छूटी भारत की ये प्यारी आदतें

भारत घूमने के बाद यूरोप लौटी फ्रांसीसी योग ट्रेनर रोक्सेन ने बताया कि कैसे हिंदुस्तान की छोटी-छोटी आदतें, अपनापन, रिश्ते, लाजवाब खानपान और रंग-बिरंगा पहनावा उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 3 October 2026, 9:21 AM IST

New Delhi: भारत की संस्कृति और आतिथ्य सत्कार का जादू सिर्फ देशवासियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के कोने-कोने से आने वाले लोगों को भी अपनी ओर खींच लेता है। हाल ही में फ्रांस और कनाडा में योग सिखाने वाली योग ट्रेनर रोक्सेन (Roxanne) के साथ कुछ ऐसा ही अनुभव हुआ। भारत यात्रा से यूरोप लौटने के बाद उन्हें इस बात का गहराई से अहसास हुआ कि हिंदुस्तान की छोटी-छोटी और खूबसूरत बातें अब उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का अटूट हिस्सा बन चुकी हैं। रोक्सेन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर अपने इस अनोखे अनुभव को दुनिया के साथ साझा किया है।

किसी संस्कृति की तुलना नहीं, बल्कि जीवन जीने का नया अंदाज

रोक्सेन स्पष्ट करती हैं कि उनका उद्देश्य यह जताना बिल्कुल नहीं है कि केवल भारत ही परफेक्ट है या कोई एक संस्कृति दूसरी से श्रेष्ठ है। हालांकि, यूरोप लौटने के बाद उन्हें इस बात ने गहराई से प्रभावित किया कि कैसे भारत की जीवनशैली की कई छोटी-छोटी बातें उनकी रोजमर्रा की दिनचर्या में ढल चुकी हैं। उनके मुताबिक, भारत ने उन्हें जिंदगी को एक अलग और अपनापन भरा नजरिया दिया है, जिसे यूरोपीय जीवनशैली में भी जगह मिलनी चाहिए।

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रिश्तों की गर्माहट और आत्मीयता से भरा परिवेश

रोक्सेन ने भारतीय समाज की उन खूबियों का जिक्र किया है जो दिल को छू लेती हैं। उनके अनुसार, भारत में परिवार, पड़ोसी और दोस्त हर जरूरत के समय हमेशा साथ खड़े नजर आते हैं। वहां भक्ति और आध्यात्मिकता किसी दिखावे की तरह नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का एक सहज हिस्सा है।

इसके अलावा, मोहल्ले में बैठकर मिलना-जुलना और चाय की चुस्कियों पर लंबी बातें करना उन्हें बेहद खास लगा। किसी का हालचाल पूछने के तुरंत बाद खाने के बारे में पूछना उन्हें भारतीय संस्कृति की आत्मीयता का अहसास कराता है। दाल-चावल, दही, पनीर, डोसा, तरह-तरह की सब्जियां और नारियल जैसे लजीज स्वादों ने भी उनके दिल में खास जगह बनाई है। उनका मानना है कि बिना किसी विशेष काम के सिर्फ अपनों के साथ बैठकर वक्त बिताना और बातें करना अपने आप में एक सच्ची खुशी है।

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रंग-बिरंगा फैशन और चेहरों पर सजी बेफिक्र मुस्कान

भारतीय खानपान और रिश्तों के अलावा, यहां के पहनावे और लोगों के स्वभाव ने भी रोक्सेन को मंत्रमुग्ध कर दिया। यूरोप के अपेक्षाकृत शांत और फीके फैशन के मुकाबले, साड़ियों की चमक, पारंपरिक गहने, ताजे फूल और खनकती हुई चूड़ियों से सजे भारतीय रंग उन्हें बेहद जीवंत लगे। इसके साथ ही, राह चलते अजनबियों का यूं ही देखकर मुस्कुरा देना उनके लिए किसी दिल जीत लेने वाले पल से कम नहीं था। रोक्सेन का यह अनुभव यह साबित करता है कि भारत की सरजमीं पर कुछ तो ऐसा खास है, जो विदेशी मेहमानों के दिलों में हमेशा के लिए बस जाता है।

Location :  New Delhi

Published :  3 October 2026, 9:13 AM IST