महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का राजकीय सम्मान के साथ आज बारामती में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। विमान हादसे में उनके निधन के बाद देशभर में शोक की लहर है। गृह मंत्री अमित शाह सहित कई दिग्गजों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।

अजित पवार का अंतिम संस्कार
Baramati: महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार अब हमारे बीच नहीं रहे। 28 जनवरी की सुबह हुए दुखद विमान हादसे के बाद आज 29 जनवरी को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ।
बता दें कि सुबह से ही बारामती की सड़कें जनसैलाब से उमड़ी हुई है। अपने नेता की एक अंतिम झलक पाने के लिए महाराष्ट्र के कोने-कोने से लोग पहुंचे थे।
अजित पवार की अंतिम यात्रा सुबह विद्या प्रतिष्ठान परिसर से शुरू हुई। फूलों से सजे वाहन में रखे पार्थिव शरीर के साथ हजारों समर्थक 'अजित दादा अमर रहें' के नारे लगा रहे थे। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते समय व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
यही नहीं समर्थकों और कार्यकर्ताओं की आंखों में भी आंसू साफ देखे जा सकते थे। सुबह करीब 11 बजे पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार स्थल पर लाया गया, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके थोड़ी देर बाद ही उनके पर्थिव शरीर को अग्नि दी।
नम आंखों से 'अजित दादा' को दी गई विदाई (Img- Internet)
अंतिम संस्कार के दौरान देश और प्रदेश के बड़े राजनेताओं का जमावड़ा लगा रहा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने बारामती पहुंचकर पवार परिवार को सहारा दिया। इससे पूर्व, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने भी परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की थीं।
इनके अलावा अंतिम संस्कार में राज्य के सीएम देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, नितिन गडकरी और कई दिग्गज नेता पहुंचे हुए हैं। नेताओं ने अजित पवार को एक कुशल प्रशासक और जमीन से जुड़ा नेता बताया, जिसकी कमी महाराष्ट्र की राजनीति में हमेशा खलेगी।
28 जनवरी को मुंबई से बारामती आते समय हुए इस हादसे ने सबको स्तब्ध कर दिया था। अहिल्याबाई होलकर सरकारी मेडिकल कॉलेज से पार्थिव शरीर निकलने के बाद से ही पूरे राज्य में शोक का माहौल है। बारामती, जो अजित पवार का गढ़ माना जाता था, आज अपने सबसे प्रिय बेटे के जाने से शांत और गमगीन है। उनके परिवार और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए यह एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है।