दिल्ली में सांसों पर आये संकट को लेकर दिल्ली सरकार ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है। सरकार ने राजधानी में बढ़े हुए एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के कारण नर्सरी से लेकर कक्षा 5 तक के सभी छात्रों के लिए स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाएं तत्काल प्रभाव से बंद कर दी है।

राजधानी की हवा हुई खराब
New Delhi: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर दमघोंटू वायु प्रदूषण की चपेट में है। हवा की गुणवत्ता (AQI) लगातार 'बेहद खराब' और 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई है। पूरा शहर एक गैस चैंबर में तब्दील हो गया है। इस जहरीली हवा का सबसे बुरा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इसी खतरे को देखते हुए, दिल्ली सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
दरअसल दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग ने तुरंत प्रभाव से नर्सरी से लेकर कक्षा 5वीं तक के सभी छात्रों के लिए फिजिकल कक्षाओं को अगले आदेश तक बंद करने का निर्देश दिया है। यह फैसला दिल्ली के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों पर लागू होगा।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, दिल्ली के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में नर्सरी से कक्षा 5 तक की पढ़ाई अब केवल ऑनलाइन मोड में कराई जाएगी यानी छोटे बच्चों को स्कूल आने की जरूरत नहीं होगी
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इस समय हवा बेहद ख़राब स्तर पर पहुंच चुकी है। जो खासकर छोटे बच्चों के लिए बेहद हानिकारक है।
दिल्ली में Lionel Messi के सामने सीएम ‘रेखा गुप्ता हाय हाय’ के नारे, जानें क्यों?
उन्होंने कहा कि छोटे बच्चे वायु प्रदूषण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं और खतरनाक हवा में उनका बाहर निकलना उनके फेफड़ों और समग्र स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। ऐसे में बच्चों को प्रदूषण से बचाने के लिए यह एहतियाती और जरूरी कदम उठाया गया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार शनिवार को इसद साल की अब तक की सबसे खराब AQI दर्ज की गई है। जृो 11 नवंबर को दर्ज किए गए पिछले स्तर 428 को भी पार कर गई। आपको बता दें, वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली ने अनुमान जताया है कि रविवार को भी एक्यूआई ‘गंभीर' श्रेणी में रहेगा।
रविवार को यह 461 के साथ दिसंबर माह के दूसरे सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के 27 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता 'गंभीर' थी।
बीते कुछ दिनों में दिल्ली की हवा का स्तर इस कदर खराब हुआ कि सरकार को ग्रैप चार लागू करना पड़ा। राजधानी में AQI लगातार गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। सुबह और रात के समय धुंध की मोटी परत देखी जा रही है और कई इलाकों में विजिबिलिटी भी कम हो गई है।
सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' का आदेश है। दिल्ली और एनसीआर में गैर-जरूरी ट्रकों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है।
निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।
दिल्ली में प्रदूषण पर समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने कहा कि हम पिछले 20 सालों से सरकार को यही कहते आ रहे हैं, लेकिन आज तक कोई काम नहीं हुआ है। हर दूसरे दिन अखबारों में कोई न कोई संदेश छपता रहता है।