
GRAP-2 ने बढ़ाई मजदूरों की मुश्किलें (IMG: Pinterest)
New Delhi: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू कर दिया गया है। इसके तहत निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। काम बंद होने से निर्माण क्षेत्र में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले हजारों श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कई मजदूर काम नहीं मिलने की स्थिति में अपने पैतृक गांव लौटने पर विचार कर रहे हैं।
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने धूल पैदा करने वाले निर्माण और विध्वंस (C&D) कार्यों पर रोक लगाई है। इसके अलावा, 5 नवंबर से 20 नवंबर तक 15 दिनों के लिए कड़े निर्माण प्रतिबंध भी निर्धारित किए गए हैं। इन पाबंदियों के चलते निर्माण स्थलों पर कामकाज प्रभावित हुआ है। इसका सीधा असर उन मजदूरों पर पड़ रहा है, जिनकी रोजाना की कमाई ही उनके परिवार के भरण-पोषण का मुख्य जरिया है।
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GRAP-2 के तहत प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए कई अन्य उपाय भी लागू किए गए हैं। सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था की गई है। वहीं, डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर शर्तें लगाई गई हैं और पार्किंग फीस बढ़ाई गई है। हालांकि, रेलवे, मेट्रो, अस्पताल और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।
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निर्माण कार्यों पर रोक के कारण दिहाड़ी मजदूरों की आमदनी प्रभावित होने की आशंका है। काम नहीं मिलने पर कई श्रमिक दिल्ली-एनसीआर में रहने के बजाय अपने पैतृक गांव लौटने पर विचार कर रहे हैं। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू प्रतिबंधों के बीच मजदूरों की आजीविका का सवाल भी अहम हो गया है।
Location : New Delhi
Published : 3 November 2026, 5:32 PM IST