छावनी में तब्दील जंतर-मंतर: आसपास और संवेदनशील इलाकों की ड्रोन से पैनी निगरानी

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिबंधित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में 35,000 सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। जंतर-मंतर और रेलवे स्टेशनों पर ड्रोन से निगरानी हो रही है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 10 October 2026, 9:14 AM IST

New Delhi: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने कानून और व्यवस्था की स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, जिसके तहत जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

सुरक्षा का भारी अमला और कड़े इंतजाम

राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 35,000 सुरक्षाकर्मियों को मैदान में उतारा गया है। अधिकारियों के आकलन के मुताबिक, इस प्रदर्शन में लगभग 20,000 लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में जुटने वाली भीड़ को जंतर-मंतर तक मार्च करने से रोकने और किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्सेज की संयुक्त टीमें रणनीतिक स्थानों पर तैनात हैं।

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पिछली गलतियों से सबक और खुफिया तंत्र की सक्रियता

सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि इस बार अतिरिक्त बलों की तैनाती का मुख्य कारण पिछली गर्मियों का अनुभव है। जून और जुलाई के महीनों में हुए सीजेपी के पिछले प्रदर्शन के दौरान भीड़ के आकलन में चूक हो गई थी, जिसे इस बार प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है।

इसी कड़ी में, केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) को एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। इस निर्देश में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की खुफिया एजेंसियों तथा सीमा पारगमन अधिकारियों के बीच तालमेल बिठाकर लगातार खुफिया इनपुट साझा किए जाएं, ताकि किसी भी समन्वित चुनौती का समय रहते मुकाबला किया जा सके। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनका एक गैर-समझौतावादी संवैधानिक दायित्व है।

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जंतर-मंतर की सभा पर पूर्ण प्रतिबंध

प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए साफ कर दिया है कि सीजेपी की इस प्रस्तावित सभा के अनुरोध को पूरी तरह खारिज कर दिया गया है। गृह सचिव द्वारा रेखांकित किए गए गंभीर कानून-व्यवस्था के खतरों के मद्देनजर इस आयोजन को प्रतिबंधित घोषित कर दिया गया है।

इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी गई है। जंतर-मंतर और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन समेत प्रमुख परिवहन केंद्रों पर निगरानी के विशेष प्रबंध किए गए हैं। सीमाओं और भीड़भाड़ वाले इलाकों में आसमान से सुरक्षा का जायजा लेने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जा सके।

Location :  New Delhi

Published :  10 October 2026, 9:14 AM IST