
साइबर सेल ने चार पर FIR दर्ज की (सोर्स- एक्स)
New Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में आयोजित एक राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान तकनीक के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक 25 वर्षीय महिला की निजी तस्वीरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फेस-स्वैप टूल्स की मदद से मॉर्फ कर आपत्तिजनक पोस्टर बनाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। यह पूरा विवाद नीट (NEET) परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है।
यह पूरा मामला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित किए गए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान का है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि उसका इस राजनीतिक दल, पार्टी के एजेंडे या इस प्रदर्शन से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद, प्रदर्शन के दौरान उसकी निजी तस्वीरों को बिना किसी अनुमति के अवैध रूप से हासिल किया गया। एआई तकनीक का इस्तेमाल कर इन तस्वीरों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ आपत्तिजनक और सनसनीखेज तरीके से जोड़ (सुपरइंपोज) दिया गया, जिससे महिला की गरिमा को भारी ठेस पहुंची।
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पीड़िता ने अपनी लिखित शिकायत में सीजेपी के संस्थापकों और प्रमुख पदाधिकारियों को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया है। शिकायत में सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरव दास, प्रवक्ता आशुतोष रांका और रत्ना सिंह का नाम दर्ज कराया गया है। महिला का सीधा आरोप है कि इन सभी लोगों और इनके सहयोगियों ने मिलकर उसकी छवि को धूमिल करने का षड्यंत्र रचा। हालांकि, शुरुआती जांच के तहत पुलिस ने एफआईआर में आरोपियों को फिलहाल अज्ञात (Unidentified) रखा है और हर पहलू से गहराई से जांच की जा रही है।
शिकायत के अनुसार, आरोपी केवल जंतर-मंतर पर ही नहीं रुके, बल्कि इन मॉर्फ्ड तस्वीरों के बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर बनाकर सार्वजनिक रूप से लहराए गए। प्रदर्शन के दौरान महिला के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां और अमर्यादित नारे भी लगाए गए। इतना ही नहीं, इस पूरे प्रदर्शन और आपत्तिजनक पोस्टरों के वीडियो को इंस्टाग्राम समेत कई अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बड़े पैमाने पर वायरल किया गया। पीड़िता का कहना है कि यह पूरी कवायद उसके सार्वजनिक रूप से चरित्र हनन (Character Assassination) और मानसिक प्रताड़ना के उद्देश्य से की गई थी।
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इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों को खंगालने में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि एआई के जरिए इस फर्जी और आपत्तिजनक फोटो को सबसे पहले किसने तैयार किया, इसे किन दुकानों या एजेंसियों से प्रिंट करवाया गया और सोशल मीडिया पर इसे वायरल करने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे। इस मामले में पुलिस की साइबर सेल तकनीकी और डिजिटल सबूतों के आधार पर अपनी अगली कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है।
Location : New Delhi
Published : 25 September 2026, 8:33 AM IST
Topics : Abhijeet Deepke CJP Protest Delhi Cyber Cell FIR Fake Photo Controversy Jantar Mantar Controversy