New Delhi: अंतरिक्ष में कॉलोनी बसाएंगे RAnts! जानिये कैसे है संभव

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और IIT मद्रास ने RAnts नाम के छोटे रोबोट विकसित किए हैं, जो चींटियों की तरह मिलकर बिना इंसानी मदद के निर्माण कार्य कर सकते हैं। ये रोबोट लाइट संकेतों के जरिए आपस में तालमेल बनाते हैं। भविष्य में चांद और मंगल पर घर और बुनियादी ढांचे तैयार करने में यह तकनीक बड़ी भूमिका निभा सकती है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 May 2026, 2:33 PM IST

New Delhi: भविष्य की निर्माण तकनीक अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और IIT मद्रास के वैज्ञानिकों ने मिलकर ऐसे छोटे रोबोट विकसित किए हैं, जिन्हें RAnts नाम दिया गया है। ये रोबोट बिल्कुल चींटियों की तरह काम करते हैं और बिना किसी इंसानी नियंत्रण के मिलकर इमारतों का निर्माण कर सकते हैं। सबसे खास बात यह है कि इन्हें किसी लीडर या सेंट्रल कंट्रोल सिस्टम की जरूरत नहीं होती।

कैसे काम करते हैं RAnts रोबोट?

RAnts रोबोट्स का आधार “एक्सबॉडीड इंटेलिजेंस” है, यानी ऐसी बुद्धिमत्ता जो सिर्फ रोबोट के अंदर ही नहीं बल्कि उनके आसपास के वातावरण में भी काम करती है। वैज्ञानिक इसके लिए “स्टिगर्मी” नामक सिस्टम का उपयोग करते हैं, जिसमें रोबोट अपने वातावरण में संकेत छोड़ते हैं।

असली चींटियां जहां फेरोमोन का इस्तेमाल करती हैं, वहीं ये रोबोट लाइट आधारित संकेतों का उपयोग करते हैं। जब एक रोबोट किसी जगह पर लाइट मार्क करता है, तो दूसरा रोबोट उसे देखकर समझ जाता है कि वहां निर्माण करना है या बदलाव करना है। इस तरह बिना किसी आदेश के पूरा सिस्टम अपने आप काम करता है।

बिना लीडर के बनती है पूरी संरचना

RAnts की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पूरी तरह विकेंद्रीकृत (decentralized) तरीके से काम करते हैं। जैसे ही कई रोबोट किसी विशेष स्थान पर इकट्ठा होते हैं, वे अपनी गति और गतिविधि बढ़ा देते हैं और निर्माण प्रक्रिया शुरू कर देते हैं।

सिर्फ कुछ सरल नियमों के आधार पर ये रोबोट बेहद जटिल संरचनाएं तैयार कर सकते हैं। यह तकनीक भविष्य में निर्माण उद्योग को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है।

अंतरिक्ष निर्माण में बड़ी उम्मीद

वैज्ञानिकों का मानना है कि RAnts तकनीक का सबसे बड़ा उपयोग अंतरिक्ष में हो सकता है। चांद और मंगल जैसे ग्रहों पर जहां रेडिएशन, ऑक्सीजन की कमी और अत्यधिक तापमान जैसी समस्याएं हैं, वहां इंसानों के लिए निर्माण करना बेहद मुश्किल है।

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ऐसे में ये छोटे रोबोट बिना किसी जोखिम के वहां बुनियादी ढांचा और रहने योग्य संरचनाएं तैयार कर सकते हैं। माना जा रहा है कि भविष्य में अंतरिक्ष कॉलोनी बसाने में RAnts तकनीक एक अहम भूमिका निभा सकती है।

भविष्य की निर्माण क्रांति

RAnts सिर्फ एक तकनीकी प्रयोग नहीं बल्कि भविष्य की निर्माण क्रांति की शुरुआत माने जा रहे हैं। यह तकनीक न केवल धरती पर निर्माण को तेज और आसान बनाएगी, बल्कि अंतरिक्ष में मानव जीवन की संभावनाओं को भी नया आधार दे सकती है।

Location :  New Delhi

Published :  3 May 2026, 2:33 PM IST