उपचुनाव के नतीजों पर टिकी नजरें, बंगाल से तमिलनाडु तक किसकी बढ़ेगी ताकत? आज खुलेगा सियासी दांव का राज

पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर हुए उपचुनावों के नतीजों पर आज सबकी नजरें टिकी हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा की सियासी ताकत, तमिलनाडु में टीवीके की लोकप्रियता और असम में त्रिकोणीय मुकाबले का क्या परिणाम निकलेगा? मतगणना से कई अहम राजनीतिक संकेत मिलने की उम्मीद है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 9 October 2026, 8:13 AM IST

New Delhi: देश के चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हुए उपचुनावों के नतीजे आज राजनीतिक तस्वीर के कई अहम पहलुओं को सामने ला सकते हैं। पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर हुई वोटिंग के बाद अब सबकी नजरें मतगणना पर टिकी हैं। सुबह 8 बजे से शुरू होने वाली गिनती में पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु और असम तक कई दलों की सियासी ताकत का आकलन होगा। खास तौर पर बंगाल और तमिलनाडु के नतीजे काफी अहम माने जा रहे हैं।

6 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर, तमिलनाडु की मदुरंताकम और धारापुरम, पुडुचेरी की थट्टनचावड़ी विधानसभा सीटों तथा असम की नागांव लोकसभा सीट पर मतदान हुआ था।

पश्चिम बंगाल में भाजपा के सामने पहली बड़ी चुनौती

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर सबसे अधिक निगाहें रहेंगी। राज्य में सत्ता में आने के बाद भाजपा के लिए ये उपचुनाव अहम परीक्षा माने जा रहे हैं। दोनों सीटों पर करीब 80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।

नंदीग्राम का बंगाल की राजनीति में खास महत्व रहा है। साल 2011 में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने तृणमूल कांग्रेस की सत्ता तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई थी। इस सीट पर 2021 और 2026 में सुवेंदु अधिकारी जीत दर्ज कर चुके हैं। इस बार भाजपा ने हसीरानी राठ को उम्मीदवार बनाया है। उनके बेटे चंद्रनाथ राठ की भाजपा की जीत के दो दिन बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

वहीं, विपक्षी खेमे में एकजुटता की कमी भी मुकाबले को दिलचस्प बना रही है। ममता बनर्जी गुट ने उम्मीदवार वापस लेकर कांग्रेस के मिलन प्रधान का समर्थन किया है, जबकि रिताब्रत बनर्जी गुट अलग चुनाव लड़ रहा है। रेजीनगर में भी भाजपा, तृणमूल कांग्रेस के अलग-अलग गुटों, कांग्रेस और माकपा के उम्मीदवार मैदान में हैं।

तमिलनाडु में टीवीके की लोकप्रियता का इम्तिहान

तमिलनाडु की मदुरंताकम और धारापुरम सीटों के नतीजे टीवीके सरकार के लिए अहम होंगे। मई में सत्ता संभालने के बाद यह पार्टी की पहली चुनावी परीक्षा है। एआईएडीएमके दोनों सीटें वापस जीतना चाहती है, जो अप्रैल के विधानसभा चुनाव में टीवीके के खाते में गई थीं।

मदुरंताकम में 86.26 प्रतिशत और धारापुरम में 80.30 प्रतिशत मतदान हुआ। अब नतीजे बताएंगे कि राज्य में नई सरकार के प्रति मतदाताओं का रुख कैसा है।

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असम और पुडुचेरी में भी दिलचस्प मुकाबला

असम की नागांव लोकसभा सीट पर भाजपा के देवाशीष शर्मा, कांग्रेस की सिबामोनी बोरा और एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के बीच मुकाबला है। यहां करीब 76 प्रतिशत मतदान हुआ था। यह सीट कांग्रेस सांसद प्रद्युत बरदोलोई के पार्टी छोड़ने के बाद खाली हुई थी।

पुडुचेरी की थट्टनचावड़ी विधानसभा सीट पर 80.8 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के इस सीट को छोड़कर मंगलम सीट अपने पास रखने के कारण यहां उपचुनाव हुआ।

नतीजों से क्या मिलेंगे सियासी संकेत?

इन छह सीटों के परिणाम केवल उम्मीदवारों की जीत-हार तक सीमित नहीं रहेंगे। बंगाल में भाजपा की स्थिति, तमिलनाडु में टीवीके की लोकप्रियता और असम में दलों के बीच मुकाबले से जुड़े अहम संकेत सामने आ सकते हैं। अब देखना होगा कि मतदाताओं का फैसला किस दल के पक्ष में जाता है।

Location :  New Delhi

Published :  9 October 2026, 8:13 AM IST