Assembly Elections 2026: इन तीन राज्यों में थमेगा चुनावी शोर, आखिरी 48 घंटे तय करेंगे किसके सिर सजेगा सत्ता का ताज

तीन राज्यों में चुनावी शोर थमने जा रहा है, लेकिन असली सियासी हलचल अब शुरू होगी। आखिरी 48 घंटे क्यों माने जाते हैं सबसे निर्णायक? कौन आगे और कौन पीछे, इस सस्पेंस के बीच कई चौंकाने वाले समीकरण बन रहे हैं। जानिए क्या हैं वो अहम फैक्टर जो बदल सकते हैं चुनाव का पूरा खेल।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 7 April 2026, 8:34 AM IST

New Delhi: असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। मंगलवार शाम के साथ ही इन तीनों राज्यों में चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा और इसके साथ ही शुरू होगा वह अहम दौर, जिसे चुनावी राजनीति में सबसे निर्णायक माना जाता है।

9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले ये 48 घंटे राजनीतिक दलों के लिए रणनीति को अंतिम रूप देने और मतदाताओं के लिए सोच-समझकर फैसला लेने का समय होगा।

रैली-रोड शो और सभाओं पर लगेगी रोक

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार मतदान से 48 घंटे पहले किसी भी प्रकार का प्रचार-प्रसार बंद कर दिया जाता है। इसी के चलते 7 अप्रैल की शाम से इन राज्यों में रैलियों, रोड शो और सार्वजनिक सभाओं पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। इस दौरान राजनीतिक दल पर्दे के पीछे रहकर अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटेंगे।

असम की 126 सीटों पर सीधा मुकाबला

असम में 126 विधानसभा सीटों पर सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। यहां सत्तारूढ़ भाजपा अपने सहयोगी दलों के साथ सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। दूसरी ओर कांग्रेस भी अपने सहयोगियों के साथ मजबूत चुनौती पेश कर रही है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व में भाजपा एक बार फिर जनता का भरोसा जीतने की कोशिश में है, जबकि विपक्ष बदलाव की उम्मीद के साथ मैदान में है।

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केरल में दिलचस्प होगा मुकाबला

केरल में 140 सीटों पर परंपरागत मुकाबला एक बार फिर दिलचस्प मोड़ पर है। यहां वाम लोकतांत्रिक मोर्चा और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट आमने-सामने हैं। केरल की राजनीति में हर चुनाव में सत्ता परिवर्तन की परंपरा रही है, जिससे इस बार भी मुकाबला बेहद रोचक बन गया है। प्रचार के आखिरी दिन ‘कोट्टिकालसम’ के जरिए सभी दल अपनी ताकत दिखाते नजर आएंगे, जो यहां की चुनावी संस्कृति का अहम हिस्सा माना जाता है।

पुडुचेरी में बहुकोणीय मुकाबला

पुडुचेरी में 33 सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला बनता दिख रहा है। भाजपा और उसके सहयोगी दलों के सामने कांग्रेस-डीएमके गठबंधन चुनौती पेश कर रहा है। इसके अलावा स्थानीय दल भी इस चुनाव को दिलचस्प बना रहे हैं, जिससे परिणामों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

चुनाव आयोग ने किए कड़े इंतजाम

चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। ‘शांत अवधि’ के दौरान किसी भी प्रकार की रैली, सभा या जुलूस निकालने पर प्रतिबंध रहेगा। यहां तक कि मतदाताओं को प्रभावित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों, संगीत शो और नाटकों पर भी रोक लगा दी गई है। टीवी, रेडियो और सिनेमाघरों में भी चुनाव से जुड़ी सामग्री के प्रसारण पर पाबंदी रहेगी।

इसके अलावा, जो राजनीतिक कार्यकर्ता उस क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, उन्हें प्रचार खत्म होते ही क्षेत्र छोड़ना होगा। चुनाव आयोग ने मीडिया पर भी सख्त निगरानी रखते हुए यह सुनिश्चित किया है कि मतदान से पहले और मतदान के दिन प्रकाशित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों को पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

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नामांकन प्रक्रिया पूरी

जहां इन तीन राज्यों में चुनावी शोर थम रहा है, वहीं तमिलनाडु में चुनावी प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य की 234 सीटों पर नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और हजारों उम्मीदवार मैदान में उतर चुके हैं। अब नजरें आगामी चुनावी मुकाबले पर टिकी हैं।

Location :  New Delhi

Published :  7 April 2026, 8:34 AM IST